Bihar Transport News: बिहार में भ्रष्ट अफसरों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. सरकार की तीनों एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई, निगरानी ब्यूरो और विशेष निगरानी इकाई धनकुबेर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है. जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद वैसे धनकुबेर सरकारी सेवक जिनके खिलाफ करप्शन का केस दर्ज किया गया हो, उन्हें विभाग के स्तर से निलंबन की कार्रवाई की जाती है.
ईओयू ने परिवहन विभाग को भेजी रिपोर्ट...
आर्थिक अपराध इकाई ने 30 सितंबर को परिवहन विभाग के एक धनकुबेर प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ डीए केस दर्ज कर छापेमारी की थी. अब आर्थिक अपराध इकाई ने इसकी विधिवत सूचना परिवहन विभाग को दिया है. ईओयू की रिपोर्ट पर परिवहन विभाग ने आरोपी प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता को सस्पेंड करने से पहले स्पष्टीकरण मांगा है. जानकारी के अनुसार, आरोपी दारोगा को ईओयू द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के केस पर जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है. जवाब दाखिल करने के बाद विभाग के स्तर से आगे की कार्रवाई की जायेगी.
आय से 148 फीसदी संपत्ति अधिक अर्जित करने का केस दर्ज
बता दें, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 30 सितंबर को परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की थी. EOU ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त करने के बाद उनके पटना और आरा स्थित दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। EOU के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता वर्तमान में कैमूर जिले के मोहनिया चेक पोस्ट पर प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। विश्वसनीय सूचना के सत्यापन के दौरान प्रथम दृष्टया उनकी ज्ञात वैध आय से 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले. यह राशि उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 26/26,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
11 भूखंड खरीदने के मिले साक्ष्य- ईओयू
जांच एजेंसी के अनुसार, आरा, पटना और छपरा में अमित कुमार गुप्ता एवं उनके परिजनों के नाम पर 11 भू-खंड खरीदे जाने से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। अवधपुरी में G+3 मकान के अलावा आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान और पटना के साई वरदान सिटी में एक फ्लैट की जानकारी भी तलाशी के दौरान सामने आई है। इसके अलावा नोएडा की इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित फ्लैट/जमीन में निवेश के दस्तावेज भी मिलने की बात EOU ने कही है।
15 बैंक खातों की जानकारी, लॉकर की तलाशी बाकी
तलाशी के दौरान विभिन्न बैंकों में कुल 15 खातों से संबंधित पासबुक और चेकबुक की प्रतियां बरामद होने की जानकारी दी गई है। इनमें मौजूद लाखों रुपये की राशि को फ्रिज कराने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है। EOU के अनुसार, विभिन्न शेयर और म्यूचुअल फंड में 30 लाख रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम से संबंधित सात दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें करीब 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी बताई गई है। आभूषणों की खरीद से संबंधित कई रसीदें भी बरामद की गई हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की भी जांच
जांच एजेंसी ने बताया कि अमित कुमार गुप्ता द्वारा अपने दोनों बच्चों की शिक्षा पर खर्च की गई राशि से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। उनका एक पुत्र दार्जिलिंग जिले के एक आवासीय विद्यालय में पढ़ता है, जबकि उनकी पुत्री कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रही है। EOU ने कहा है कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और निवेश से संबंधित अभिलेखों का आगे के अनुसंधान में विश्लेषण किया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक, अब तक की तलाशी के आधार पर आय से अधिक संपत्ति की राशि में और वृद्धि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।