Bihar News: बिहार में दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर चलती ट्रेन में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर यात्रियों से लूटपाट और उन्हें ट्रेन से नीचे फेंकने के आरोपित रोहित तिवारी को रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बक्सर के समीप चलती ट्रेन से वैशाली के युवक नितिन कुमार को अगवा कर हत्या किए जाने के मामले में तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को उसे बक्सर और वाराणसी के बीच मोहनसराय के पास से गिरफ्तार किया।
आरोपित की निशानदेही पर नितिन कुमार का शव आरा स्टेशन और जगजीवन हॉल्ट के बीच से बरामद किया गया। नितिन वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय गांव निवासी मुकेश राय का पुत्र था और हैदराबाद की एक निजी कंपनी में काम करता था।
पुलिस के अनुसार, रोहित तिवारी ने नितिन कुमार को ट्रेन में सिगरेट पीने के आरोप में पकड़ा और खुद को पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद जुर्माने के नाम पर उसके परिजनों से यूपीआई के जरिए रुपये मंगवाए गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि नितिन ने 20 सितंबर की रात अपने ममेरे भाई को फोन कर बताया था कि आरपीएफ ने उसे सिगरेट पीते हुए पकड़ा है और जुर्माने के तौर पर 20 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इसके बाद परिजनों की ओर से यूपीआई के जरिए 5 हजार रुपये भेजे गए। इसके बावजूद नितिन को नहीं छोड़ा गया। बाद में वह लापता हो गया। परिजनों ने बक्सर रेल थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
नितिन के पिता मुकेश राय की शिकायत पर 21 सितंबर को बक्सर रेल थाने में मामला दर्ज किया गया। रेल एसपी अनंत कुमार राय ने युवक की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की मदद से रोहित तिवारी की पहचान की। इसके बाद संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। इसी क्रम में मंगलवार को मोहनसराय के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को नितिन के साथ हुई घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने आरा स्टेशन और जगजीवन हॉल्ट के बीच से नितिन का शव बरामद किया। पुलिस जांच में रोहित तिवारी पर करीब 15 दिन पहले भी बिहटा-नेउरा के बीच दो यात्रियों को चलती ट्रेन से नीचे फेंकने का आरोप सामने आया है। इस घटना में भोजपुर निवासी कैलाश कुमार की मौत हो गई थी, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हुआ था।
बताया गया कि कैलाश अपने दोस्त रितेश के साथ बक्सर से पटना लौट रहा था। इसी दौरान ट्रेन में एक युवक मिला, जिसने खुद को एसटीएफ का जवान बताया। आरोप है कि उसने दोनों को दिव्यांग कोच में बैठाया और रास्ते में टिकट जांच के नाम पर रुपये मांगने लगा। रुपये नहीं देने पर दोनों को ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया। इस मामले में कैलाश के पिता की ओर से दानापुर रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान बक्सर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रोहित तिवारी की पहचान किए जाने की बात पुलिस ने बताई है।
पुलिस के मुताबिक, रोहित तिवारी के पास से कैलाश कुमार के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के डेबिट कार्ड, दो अन्य बैंक के एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, दिव्यांग कार्ड और वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आरोपित का आधार कार्ड भी पुलिस को मिला है। रोहित तिवारी शाहपुर थाना क्षेत्र के बरिसवन गांव निवासी जयराम तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी का पुत्र है। पुलिस के अनुसार उसका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का कहना है कि उसका कोई निश्चित ठिकाना नहीं था और वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
नितिन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने रोहित तिवारी की निशानदेही पर दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस उस व्यक्ति की पहचान भी करने में जुटी है, जिससे आरोपित ने मोबाइल फोन खरीदा था। रेल डीएसपी कंचन राज ने बुधवार को प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपित के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के तहत मुकदमा चलाने की प्रक्रिया की जाएगी। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।