Bihar Crime News: बिहार में अवैध हथियारों के कारोबार पर नकेल कसने की मुहिम के तहत बेगूसराय पुलिस और एसटीएफ (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। संयुक्त छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में तैयार और अर्धनिर्मित हथियार, कारतूस तथा हथियार बनाने के आधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
मौके से मिनी गन फैक्ट्री के संचालक समेत तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो पेशेवर हथियार कारीगर मुंगेर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई बलिया थाना क्षेत्र के बरबीघी बहियार इलाके में की गई, जहां चोरी-छिपे लंबे समय से अवैध हथियार बनाने का धंधा संचालित किया जा रहा था।
बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बरबीघी बहियार में बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ और बलिया थाना पुलिस की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलाके की घेराबंदी कर जब छापेमारी की तो मौके पर अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालित होती मिली। उस समय आरोपी देसी पिस्टल तैयार करने और उसकी असेंबलिंग में जुटे हुए थे।
पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान बलिया थाना क्षेत्र के बरबीघी गांव निवासी और फैक्ट्री संचालक बालेश्वर महतो तथा मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह गांव निवासी मो. असीम उर्फ टारजन और मो. शमशाद के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मो. असीम उर्फ टारजन और मो. शमशाद अवैध हथियार बनाने में माहिर कारीगर हैं। दोनों को विशेष रूप से देसी पिस्टल तैयार करने के लिए बुलाया गया था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो तैयार देसी पिस्टल, चार मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, दो खोखा, एक टच स्क्रीन मोबाइल, दो बेस मशीन, एक ड्रिल मशीन, 12 रेती, तीन हथौड़ी, दो हेक्सा आरी, 4600 रुपये नकद तथा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई लोहे के उपकरण और कलपुर्जे बरामद किए हैं।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि यह अवैध हथियार निर्माण का नेटवर्क कब से सक्रिय था, अब तक कितने हथियार बनाए और बेचे गए, किन-किन जिलों में इनकी सप्लाई की जाती थी तथा इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और खरीददार कौन-कौन हैं।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ से अवैध हथियारों के इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। STF और बेगूसराय पुलिस की यह कार्रवाई अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।