Bihar Crime News: बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा में अवैध तरीके से चयन कराने के लिए 9 लाख रुपये की सेटिंग किए जाने का मामला सामने आया है. आर्थिक अपराध इकाई ने साल 2023 में आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा से जुड़े मामले में एक आरोपी श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर परीक्षार्थी को सेटिंग के जरिए परीक्षा पास कराने के लिए दूसरे स्कॉलर का फोटो एडमिट कार्ड पर लगवाने और ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराने का आरोप है.


मामला नालंदा जिले के लहेरी थाना कांड संख्या 611/23 से जुड़ा है. आर्थिक अपराध इकाई इस मामले का अनुसंधान कर रही है. यह कांड 1 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), बिहार द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा से संबंधित है.


परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया था परीक्षार्थी

1 अक्टूबर 2023 को बिहारशरीफ के भैंसासुर स्थित आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की जांच के दौरान धनंजय कुमार को पकड़ा गया था. धनंजय कुमार के प्रवेश पत्र पर लगा फोटो उसके आधार कार्ड और चेहरे से मेल नहीं खा रहा था. जांच के दौरान उसके पास परीक्षा में ब्लूटूथ के माध्यम से नकल करने के लिए इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी मिला था.


पूछताछ में धनंजय कुमार ने बताया था कि अवैध तरीके से परीक्षा पास कराने के लिए सेटर के माध्यम से उसके एडमिट कार्ड पर दूसरे स्कॉलर का फोटो लगाया गया था. बताया गया कि स्कॉलर को किसी दूसरे स्थान पर परीक्षा देने जाना था, लेकिन उसके नहीं आने के कारण धनंजय खुद परीक्षा देने पहुंचा था. उसे सेटर की ओर से उपलब्ध कराया गया ब्लूटूथ उपकरण लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय पकड़ा गया था. इस मामले में धनंजय कुमार को पहले ही जेल भेजा जा चुका है.


9 लाख रुपये में कराई गई थी सेटिंग

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसंधान के दौरान कांड में श्रवण कुमार की भूमिका सामने आई. पुलिस के अनुसार, श्रवण कुमार की उम्र करीब 25 वर्ष है और वह पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र के हादीनगर का रहने वाला है. उसे 7 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया.


गिरफ्तारी के बाद श्रवण कुमार ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने परिचित सेटर नीरज के माध्यम से धनंजय कुमार को परीक्षा पास कराने के लिए 9 लाख रुपये में सेटिंग कराई थी. इसी सेटिंग के तहत धनंजय के एडमिट कार्ड पर दूसरे स्कॉलर का फोटो लगवाया जा रहा था.


श्रवण कुमार के अनुसार, जिस स्कॉलर को धनंजय की जगह परीक्षा देनी थी, उसके नहीं आने के बाद धनंजय को खुद परीक्षा देने के लिए भेजा गया. इसके लिए धनंजय से फोन-पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए गए. इसमें से कुछ रुपये नीरज को दिए गए और कुछ रुपये श्रवण कुमार ने अपने पास रखे.


परीक्षा में नकल कराने के लिए धनंजय को नीरज के माध्यम से ब्लूटूथ डिवाइस भी उपलब्ध कराया गया था. हालांकि, परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान जांच में धनंजय पकड़ा गया.


आर्थिक अपराध इकाई ने मामले में श्रवण कुमार को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एजेंसी अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.