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19-Mar-2026 02:57 PM
By First Bihar
Bihar News: आजकल शादी-ब्याह सिर्फ रिश्तों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि ठगों के लिए भी ये एक गोल्डन मौका बन गया है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया है, जहां एक परिवार को “बिहार में अफसर दामाद” का सपना दिखाकर लाखों रुपये ठग लिए गए।
पीड़ित परिवार के अनुसार, एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को एक सरकारी अधिकारी का रिश्तेदार बताया। उसने दावा किया कि उसका परिचित युवक बिहार में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पद पर कार्यरत है और उसके लिए एक अच्छे परिवार की लड़की की तलाश की जा रही है। सरकारी नौकरी और ऊंचे पद की बात सुनकर परिवार को यह रिश्ता भरोसेमंद लगा और उन्होंने बातचीत आगे बढ़ाई। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को बेहद विश्वसनीय तरीके से पेश किया, जिससे परिवार को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
ठग ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए कथित अफसर युवक की फोटो, पहचान से जुड़े दस्तावेज और कुछ सरकारी कागजात भी दिखाए। ये सभी कागजात इतने असली जैसे लग रहे थे कि परिवार पूरी तरह आश्वस्त हो गया। धीरे-धीरे बातचीत आगे बढ़ी और रिश्ता तय करने की दिशा में कदम बढ़ने लगे। परिवार को यह भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही दोनों पक्षों की मुलाकात कराकर शादी की तारीख भी तय कर दी जाएगी।
जब ठग को यकीन हो गया कि परिवार उसके जाल में फंस चुका है, तब उसने पैसों की मांग शुरू कर दी। अलग-अलग बहानों के जरिए रकम मांगी गई, जैसे मेडिकल जांच कराने के नाम पर, ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने के बहाने और शादी की तैयारियों के खर्च के लिए। परिवार ने रिश्ते को पक्का मानते हुए कई किस्तों में लाखों रुपये दे दिए। उन्हें लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि सब कुछ सही दिशा में चल रहा है और जल्द ही शादी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जब पीड़ित परिवार ने आरोपी से मिलने और आगे की प्रक्रिया तय करने की बात कही, तो वह बहाने बनाने लगा। कभी व्यस्तता का हवाला दिया गया, तो कभी किसी जरूरी काम का। कुछ समय बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और फिर पूरी तरह संपर्क खत्म कर लिया। इसके बाद परिवार को शक हुआ और उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि जिस युवक को एसडीओ बताया जा रहा था, वह पूरी तरह फर्जी था। फोटो और दस्तावेज भी नकली निकले। तब जाकर परिवार को एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ठगों ने बेहद चालाकी से उनका भरोसा जीता और फिर योजनाबद्ध तरीके से पैसे ऐंठ लिए।
जानकारी के अनुसार, पिछले छह महीनों में गोरखपुर में इस तरह के कम से कम तीन मामले सामने आ चुके हैं। इन सभी मामलों में सरकारी नौकरी वाले दूल्हे का झांसा देकर परिवारों को निशाना बनाया गया है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस तरह की ठगी किसी संगठित गिरोह द्वारा की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे ठग सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए परिवारों से संपर्क करते हैं। वे पहले भरोसा बनाते हैं और फिर धीरे-धीरे पैसों की मांग शुरू कर देते हैं। अधिकारी या सरकारी नौकरी वाले वर का लालच दिखाकर लोगों को फंसाना इन गिरोहों का मुख्य तरीका बन गया है।