Bihar News: 1st Bihar/Jharkhand ने शराबबंदी वाले राज्य में एक्साइज अफसरों की पोल खोली थी. खुलासा किया था कि कैसे उत्पाद के अधिकारी आमलोगों को कथित तौर पर अपहरण कर पैसा वसूलते हैं. मोटी रकम वसूल कर छोड़ते हैं. जानकारी सार्वजनिक होने पर उत्पाद अधीक्षक मैनेज करने का खेल करते हैं. खुलासे के बाद उत्पाद के इंस्पेक्टर-दारोगा-जमादार के खिलाफ केस दर्ज किया गया. हालांकि अभी तक आरोपी अफसरों पर विभाग के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है. अभी पत्राचार ही किया जा रहा है. चिट्ठी लिखकर मार्गदर्शन मांगा जा रहा है.
उपायुक्त ने मद्य निषेध सचिव को लिखा पत्र....
मगध प्रमंडल के उत्पाद उपायुक्त ने 14 जुलाई को विभाग के सचिव को पत्र लिखा. जिसमें जहानाबाद जिले में कार्यरत निरीक्षक, अवर निरीक्षक एवं दो सहायक अवर निरीक्षकों के अवैध कृत्य की जानकारी दी .उपायुक्त ने तमाम बिंदुओं को विस्तार से बताया कि कैसे दो लोगों को पकड़ कर 2.10 लाख की रकम ली गई. अपने पत्र में उपायुक्त मद्य निषेध ने उल्लेख किया है कि 3 जुलाई 2026 को उत्पाद कार्यालय जहानाबाद के निरीक्षक मुकेश कुमार, महिला अवर निरीक्षक सुश्री रंजीता सिंह, सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार और नरदीप सिंह पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. जहानाबाद के हुलासगंज थाने के दरोगा ने 8 जुलाई 2026 को इन अधिकारियों पर दर्ज केस के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. साथ ही इनके नाम पता के बारे में पूछा है. इस संबंध में हमने एसडीपीओ घोसी से दूरभाष पर वार्ता की. जिसमें उन्होंने घटना को प्रमाणित बताया है. कांड के अनुसंधान की कार्रवाई चल रही है. जिन चार उत्पाद अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है, उनके खिलाफ कार्रवाई अपेक्षित है .
उपायुक्त के बाद अधीक्षक ने पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा
इसके बाद 17 जुलाई 2026 को जहानाबाद के अधीक्षक दिलीप कुमार पाठक ने संयुक्त आयुक्त मद्य निषेध पटना को हुलासगंज थाना कांड संख्या -238/ 2026 के बारे में जानकारी दी. जिसमें कहा गया की चार उत्पाद अधिकारियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. इस आलोक में उपायुक्त मद्य निषेध मगध प्रमंडल के द्वारा जांच प्रतिवेदन विभागीय सचिव को भेजा गया है.
आरोपी महिला दारोगा को डीएम की बैठक में साथ लेकर गए थे अधीक्षक ?
16 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी जहानाबाद के सभा कक्ष में मद्य निषेध की बैठक थी. जिसमें महिला अवर निरीक्षक रंजीता सिंह की भी उपस्थिति थी. इस वजह से सोशल मीडिया में इसे ट्रोल किया गया . जहानाबाद के अधीक्षक मद्य निषेध ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि महिला दारोगा रंजीता सिंह के डीएम की बैठक में मौजूद रहने पर ट्रोलर्स ने सवाल उठाये. पूछ रहे कि जिस सरकारी कर्मी पर अभियोग दर्ज है, वो वरीय पदाधिकारी के समक्ष बैठक में कैसे भाग ले रही हैं ?
मार्गदर्शन मांग रहे अधीक्षक
जहानाबाद के उत्पाद अधीक्षक ने अपने पत्र में कहा है कि इस घटना के बाद से इन सबों का मनोबल गिरा हुआ प्रतीत हो रहा है. जिस वजह छापेमारी और अन्य कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं. ऐसे में इस संबंध में अविलंब मार्गदर्शन देने की कृपा करें.
खबर के बाद उत्पाद अफसरों पर दर्ज हुआ केस
मामला पटना से सटे जहानाबाद जिले से जुड़ा है. मामला मार्च 2026 की है. 1st Bihar/Jharkhand ने 15 जून 2026 को पूरे मामले का खुलासा किया. हमने खबर चलाई...'' बिहार के एक्साइज अफसर बने 'अपहरणकर्ता’ ! पकड़ने के बाद पिटाई फिर 2.10 लाख की फिरौती वसूला, वर्दी वाले ऐसे गुंडों को दंड नहीं...खुलासे के बाद पैसा वापस कराकर मामले को दबाया''. खबर के बाद हड़कंप मच गया. जहानाबाद के उत्पाद अधीक्षक ने मामले पर सफाई दी . लेकन सच्चाई को अधिक दिनों तक छुपा नहीं सकते. 1st Bihar/Jharkhand ने जहानाबाद उत्पाद के तमाम अधिकारियों को बेनकाब किया. इसके बाद मद्य निषेध विभाग हरकत में आया. पीड़ित की शिकायत पर 3 जुलाई 2026 को जहानाबाद के हुलासगंज थाने में उत्पाद के इंस्पेक्टर-दारोगा-जमादार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
इंस्पेक्टर से लेकर दारोगा-जमादार पर केस, अधीक्षक बच गए
जहानाबाद के हुलासगंज थाने में दिए आवेदन में पीड़ित अम्पू कुमार ने लिखा, '' जहानाबाद उत्पाद विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार , अवर निरीक्षक रंजीता सिंह , सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार एवं सहायक अवर निरिक्षक नरदीप सिंह के द्वारा मारपीट की गई . सथ ही दो लाख दस हजार (2.10.000) रूपया जबरन वसूल की गई। यह घटना 9 मार्च 2026 की शाम को हुई. पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र अपने आवेदन में किया है. किस तरह से उन्हें पकड़ा गया, फिर रात भर टॉर्चर कर जबरन 2 लाख 10 हजार रू की वसूली की गई. इसके बाद हमलोगों से वीडियो बनवाया गया. इसके बाद छोड़ा गया. शिकायत के बाद हुलासगंज थाने की पुलिस ने 3 जुलाई को case no- 238/26 रजिस्टर्ड किया है. पुलिस ने जहानाबाद उत्पाद के चार अफसरों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 126 (2)/115(2)/303 (2)/352/351(2)/308(2)/3(5) के तहत केस दर्ज किया गया. पूरे मामले की जांच का जिम्मा सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को दी गई है.
जहानाबाद उत्पाद के अफसर बने अपहरणकर्ता...पकड़ने के बाद जबरन वसूली
बिहार में शराबबंदी है. इस कानून को सफल बनाने की जिम्मेदारी उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की है. इस विभाग के अधिकारी शराब सप्लाई को रोकते नहीं, सिर्फ वसूली में लगे रहते हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि उत्पाद विभाग के अधिकारी वर्दी वाले अपहरणकर्ता बन गए हैं. शराब के नाम पर लोगों को पकड़ते हैं, फिर रात भर टॉचर करते हैं, सुबह होते-होते मोटी रकम की वसूली की जाती है. सीधे शब्दों में कहें तो पहले गुंडे लोगों का अपहरण कर फिरौती वसूलते थे, अब वर्दी वाले यह काम कर रहे. जहानाबाद में उत्पाद विभाग के वर्दी वालों का ऐसा चेहरा सामने आया है. खुलासा हुआ तो मामले दबाने की भरसक कोशिश हुई. पीड़ित पक्ष ने जब वरीय अफसरों तक मामले को पहुंचाया तो कार्रवाई की डर से वसूली गई रकम वापस कराई गई थी।
बड़े मामले पर मिट्टी डालने की हुई थी कोशिश
नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मनीचक के रहने वाले अम्पू कुमार और श्याम सुंदर शर्मा द्वारा जिलाधिकारी जहानाबाद द्वारा की गई लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि उत्पाद विभाग की टीम ने 2 लाख 10 हजार रू लेकर हमलोगों को छोड़ा है. तब जिलाधिकारी जहानाबाद के दिए आवेदन में कहा गया था कि 9 मार्च को अम्पू कुमार और श्याम सुंदर शर्मा दोनों गया से इस्लामपुर की तरफ जा रहे थे. जहानाबाद के हुलासगंज के चौहरमल चौक के पास उत्पाद विभाग के अधिकारी वाहन की जांच कर रहे थे. जब उनकी गाड़ी वहां पहुंची तो इन लोगों ने गाड़ी रोका और चाबी छीन लिया. साथ ही दोनों का मोबाइल भी ले लिया. इसके बाद सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार एवं निरीक्षक मुकेश कुमार गाली गलौज और मारपीट करने लगे. श्याम सुंदर शर्मा के पैकेट में रखे ₹60000 निकाल लिया गया. इसके बाद मारपीट करते हुए साहू बीघा नहर पर ले जाकर अम्पू कुमार से ₹100000 की मांग की गई. अम्पू ने मोबाइल नंबर 77620 ##### से 82921 ##### पर कॉल कर ₹100000 अपने पिता को लाने को कहा. अम्पू के पिताजी द्वारा साहू बीघा नहर पर लाकर मद्य निषेध विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार को उक्त राशि दी गई। अवर निरीक्षक रणजीत सिंह के द्वारा वीडियो बनाया गया जिसमें हमको कहा गया कि जैसा बोलेंगे वैसा ही बोलना है. इसके बाद हमने (अम्पू) उस वीडियो में कहा कि मारपीट नहीं किया गया है, न हीं पैसे का लेनदेन किया गया है. यह कहवाकर गाड़ी की चाबी और मोबाइल दे दिया गया.
जब तक 2.10 वसूला नहीं एक को बिठाये रखा
आवेदन में आगे लिखा गया था कि इसके बाद भी श्याम सुंदर शर्मा को गिरफ्तार कर रखा गया था. इनके छोड़ने की एवज में ₹50000 की मांग की गई. अम्पू ने अपने घर से ₹50000 लाकर सिहीं पेट्रोल पंप से आगे सहायक अवर निरीक्षक नवदीप सिंह को दिया. इस तरह से कुल मिलाकर 2 लाख 10 हजार रुपए दिया गया, तब जाकर श्याम सुंदर शर्मा को छोड़ा गया.
पीड़ित के पिता बोले- शिकायत के बाद पूरा पैसा वापस किया गया
पीड़ित अम्पू कुमार के पिता मिथिलेश सिंह ने इस घटना के बाद जहानाबाद के उत्पाद अधीक्षक के पास 12 मार्च 2026 को शिकायत लेकर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि 9 मार्च को मेरे बेटे के साथ उत्पाद थाना के थानाध्यक्ष व अन्य कर्मियों ने जबरन 2 लाख 10 हजार रू लिए हैं. इसके बाद अधीक्षक दिलीप पाठक ने कहा कि आप लिखित में दीजिए। अगले दिन ये आवेदन लेकर डीएम के पास पहुंच गए। आवेदक अम्पू के पिता ने बताया कि 13 तारीख को मैडम को आवेदन दिए। तब मैडम ने अधीक्षक को कहा कि इनका पैसा वापस लौटवाइए, नहीं तो कार्रवाई करें. इसके बाद डेढ़ लाख रू लौटाया गया, फिर पूरा पैसा 2 लाख 10 हजार रू लौटाया गया. यानि पूरे मामले में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर-दारोगा जिनपर वसूली के आरोप हैं, उन्हें अधीक्षक की तरफ से समझौता कराकर बचाने की कोशिश की गई.