Bihar Education News: बिहार में कई तरह के घोटाले सामने आते हैं. सरकारी राशि का घोटाला तो सर्वविदित है. बिहार के सरकारी अफसरों के प्रमोशन में भी घोटाले होते हैं. सेटिंग कर अपात्र अफसर प्रमोशन पा लेते हैं. शिक्षा विभाग में एक ऐसे ही मामले का खुलासा हुआ है. जांच के बाद शिक्षा सेवा के एक जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और एक क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) का प्रमोशन रद्द कर दिया गया है. 


बिहार में प्रमोशन घोटाला....

शिक्षा विभाग ने 21 अगस्त को दोनों अफसरों के प्रमोशन रद्द करने की अधिसूचना जारी किया है. विभाग ने कटिहार जिला के डीईओ और मुंगेर प्रमंडल के आरडीडीई का प्रमोशन रद्द किया है. डीईओ की सेवा संपुष्ट नहीं हुई थी और उन्हें वेतनमान स्तर-11 में प्रमोशन दे दिया गया था. जबकि मुंगेर प्रमंडल के वर्तमान आरडीडीई पर जिला शिक्षा पदाधिकारी रहते गड़बड़ी के आरोप में दो बार दंड लगा था. इसके बाद भी इन्हें प्रोन्नत्ति दे दी गई थी. 


डीईओ का खेल पकड़ा गया, बिना सेवा संपुष्टि के ही मिला था प्रमोशन

शिक्षा विभाग द्वारा 21 अगस्त को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सुपौल के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी व वर्तमान में कटिहार में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित राहुल चंद्र चौधरी की सेवा संपुष्ट नहीं है. विभागीय समीक्षा में यह बात उभर कर सामने आई है. इस संबंध में 27 मई 2026 को विभागीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक हुई थी. जिसमें राहुल चंद्र चौधरी को प्रदत्त उच्चतर कार्यकारी प्रभारी को निरस्त करने की अनुशंसा की गई थी. इस आलोक में शिक्षा विभाग ने 21 अगस्त को राहुल चंद्र चौधरी के उच्चतर प्रभार (वेतन स्तर-11) रद्द करने की अधिसूचना जारी किया है. 


मुंगेर प्रमंडल के आरडीडीई का प्रमोशन रद्द 

शिवहर के तत्कालीन डीईओ ओमप्रकाश वर्तमान में मुंगेर के आरडीडीई हैं. इन्हें 22 अक्टूबर 2023 को वेतनमान स्तर-12 में प्रमोशन दिया गया था. लेकिन इनके खिलाफ 25 नवंबर 2021 को ही असंचयात्मक प्रभाव से 2 वेतनवृद्धि का दंड लगाया गया था. जिसका कुप्रभाव 1 जुलाई 2024 को खत्म हो रहा था. 3 सितंबर 2020 को भी इनके खिलाफ दो वेतन वृद्धि का दंड लगाया गया था. 


27 मई 2026 को विभागीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक में अनुशंसा की गई . जिसमें कहा गया कि ओमप्रकाश को 2023 में प्रमोशन दिया गया था, उसे निरस्त किया जाय. इस आलोक में शिक्षा विभाग ने शिवहर के तत्कालीन डीईओ ओमप्रकाश को वेतनमान -12 में मिले प्रमोशन को रद्द कर दिया है. शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि ओमप्रकाश के उच्चतर पद के कार्यकारी प्रभार के लिए इनकी पात्रता की जांच पर अगली बैठक में विचार किया जायेगा.