Bihar Education : शिक्षा विभाग के अधिकारी सूबे में शैक्षणिक वातावरण को पटरी पर लाने में नहीं, बल्कि अकूत संपत्ति अर्जित करने को लेकर चर्चा में रहते हैं.  विभाग का एक अधिकारी अपने 4.5 साल के सेवाकाल में अकूत संपत्ति अर्जित कर ली. गांव में बंगलानुमा मकान बनवाया. पत्नी के नाम पर 6.5 बीघा जमीन, लग्जरी गाड़ी,सोना-चांदी की खरीद कर ली. हालांकि अपनी करनी की वजह से जाल में फंस गया है.  आर्थिक अपराध इकाई ने केस दर्ज कर आरोपी डीपीओ के चार ठिकानों पर छापेमारी की,जिसमें अकूत संपत्ति का पता चला है. 


शिक्षा विभाग के एक भ्रष्ट अधिकारी अजीत अमर ने अकूत संपत्ति अर्जित की. 4 फरवरी 2022 को सरकारी सेवा में आए डीपीओ ने 4.5 साल के कार्यकाल में अपने गांव में भव्य बंगला बनवाया . साथ ही 6.5 बीघा जमीन, स्कॉर्पियो क्लासिक वाहन की खरीद की. शिक्षा विभाग का यह अधिकारी 2022 में सेवा में आया. इसके बाद प्रति नियुक्ति डीपीओ प्लानिंग छपरा के पद पर करा लिया.  सारण में प्रति नियुक्ति के दौरान इन पर भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धन अर्जन के आरोप लगे. सारण जिला प्रशासन ने इनके खिलाफ जांच की. इसके बाद इन्हें मूल पदस्थापन स्थान सहरसा भेज दिया गया. 


आर्थिक अपराध इकाई ने बताया है कि अजीत अमर को अपने 4.5 वर्ष के कार्यकाल में वेतन मद में मात्र 38 लाख रुपए मिले . इस दौरान इन्होंने अपने गांव में एक भव्य मकान का निर्माण कराया, जिसकी अनुमानित कीमत 40 लाख से अधिक है. हालांकि मकान एवं बाउंड्री की लागत वृद्धि बढ़ाने की संभावना है.  सरकारी सेवा में आने के बाद स्कॉर्पियो क्लासिक की खरीद की. 6.5 बीघा जमीन जिसकी सरकारी वैल्यू 48 लाख ₹50000 है. इसके अभिलेख दस्तावेज बरामद किए गए हैं.


तलाशी के क्रम में अजीत अमर के सिवान के रैनी गांव स्थित निजी भव्य मकान है. इसके साज-सज्जा का मूल्यांकन कराया जाएगा. मकान निर्माण से संबंधित 30 बिल मिले हैं. गांव के निजी आवास से लगभग 40 लाख रुपए मूल्य के आभूषण भी मिले हैं. छपरा स्थित सरकारी आवास की तलाशी में पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर 2025 को खरीदी गई 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर (481 डिसमिल) भूखंड निबंधन से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. 2023 में स्कॉर्पियो महिंद्र गाड़ी की खऱीद की गई, जिसकी कीमत 15 लाख से अधिक है. यामाहा एफजेड बाइक मिली है. 27 लख रुपए के ज्वेलरी रसीद मिले हैं. यह खरीद वर्ष 2023 से 25 के मध्य की गई है. अजीत अमर एवं उनकी पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर चार बैंक खाता मिले हैं, अन्य निवेश के कागजात बरामद हुए हैं.