Bihar News: बिहार के राजस्व मंत्री लंबी-लंबी बातें करते हैं. खुद को करप्शन रोकने वाला डॉक्टर बता रहे. अंचलाधिकारियों को एंटिबायोटिक से ठीक करने की बात कर रहे. लेकिन इनकी बातों से कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा. अंचल अधिकारी खुल्लम खुल्ला नियमों की धज्जियां उड़ाकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के दावों की पोल खोल रहे हैं. कार्रवाई सिर्फ दिखावे भर का है, हकीकत से कोई वास्ता नहीं.
करप्शन मिटाने वाले स्वघोषित डॉक्टर दिलीप जायसवाल से की गई शिकायत
अब जरा खेल देखिए, एक अंचल अधिकारी पूर्व पदस्थापन और वर्तमान पदस्थान वाले अंचल कार्यालय से काम कर रहे. सीओ ने दोनों अंचल के डोंगल से काम किया, जबकि वे प्रभार दे चुके थे. अब यह मामला सामने आया है. इसके बाद राजस्व विभाग के मंत्री सह करप्शन मिटाने वाले डॉक्टर दिलीप जायसवाल से शिकायत की गई है.
दाउदनगर और इशुआपुर अंचल से जुड़ा है मामला
मामला औरंगाबाद के दाउदनगर और सारण के इशुआपुर अंचल के अंचल कार्यालय से जुड़ा है. दाउदनगर के पूर्व व वर्तमान में सारण के इसुवापुर अंचल के अंचल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार यादव का बड़ा खेल सामने आया है. दोनों अंचल में सीओ शैलेन्द्र कुमार यादव ने एक ही दिन में म्यूटेशन आवेदन पर पहली सुनवाई कर कर्मचारी को फॉरवर्ड किया है. अंचल अधिकारी ने यह काम तब किया जब उनका स्थानांतरण दाउदनगर अंचल से सिवान के इशुआपुर हो गया था. इन्होंने दाउदनगर अंचल का प्रभार दे दिया और इशुआपुर अंचल का चार्ज ले लिया. तब भी दाउदनगर अंचल से जुड़े दाखिल खारिज वाद को फॉरवर्ड करते रहे.
पोल खुलने के बाद इसकी शिकायत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री से की गई है. मंत्री को भेजे गए आवेदन में कहा गया है कि दाउदनगर के पूर्व अंचल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार यादव का स्थानांतरण इशुआपुर अंचल में सीओ के पद पर हुआ. इसके उपरांत इन्होंने 14 जुलाई को दोनों अंचल में म्यूटेशन आवेदन पर ऑर्डर दिया है.
मंत्री को लिखे आवेदन में उल्लेख किया गया है कि अंचल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार यादव ने एक ही दिन यानि 14 जुलाई को अपने डोंगल से औरंगाबाद के दाउदनगर अंचल में वाद सं 961/26-27, 963/26-27, 963/26-27,964/26-27, 966/26-27, 967/26-27,968/26-27 समेत कई अन्य दाखिल खारिज आवेदन को फारवर्ड किया गया है. इसी दिन यानि 14 जुलाई को ही उक्त अंचल अधिकारी ने सारण के इशुआपुर अंचलाधिकारी के तौर पर दाखिल खारिज वाद सं- 360,361,362,364,365/2026-27 को भी फारवर्ड किया है.
अर्थात इनके द्वारा एक ही दिन 14 जुलाई को दो चलों में डोंगल का प्रयोग किया है, जो घोर अयमितता को दर्शाता है. ऐसे में जांच कर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाय. शिकायत के बाद मंत्री स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. अंचल अधिकारी ने किन परिस्थिति में ऐसा किया, इस पर उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है. हालांकि पूरा मामले को लेकर प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराई गई है.