Bihar News: बिहार में अवैध खनन में बड़े-बड़े लोग और अफसर शामिल हैं. यही वजह है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती. कार्रवाई की बात छोड़ दीजिए,जांच कर नहीं कराई जाती. ऐसे में बालू का अवैध कारोबार में लिप्त संवेदक और अफसर मालामाल हो रहे. भोजपुर जिले में खुल्लम खुल्ला बालू के भंडारण में नियमों की धज्जियां उड़ाकर राजस्व को चूना लगाया जा रहा. शिकायत के बाद भी खनन विभाग जांच कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहा. 


ट्रक ऑनर एसोसिएशन, भोजपुर के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने जून 2026 में ही खनन विभाग के प्रधान सचिव से शिकायत की थी. जिसमें कहा गया था कि भोजपुर जिले में संचालित विभिन्न बालू घाटों के संचालकों द्वारा खनन कार्य बंद रहने की अवधि में सेकेंडरी स्टॉकयार्ड (सेकेंडरी प्वाइंट) पर बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किया गया है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि कई स्थानों पर निर्धारित कैपिंग (अनुमेय भंडारण सीमा) से अधिक मात्रा में बालू का भंडारण किया गया है।


जानकारी के अनुसार, संबंधित बालू भंडारों से बिक्री की अनुमति प्रदान कर दी गई है। किंतु यह स्पष्ट नहीं है कि बिक्री की अनुमति देने से पूर्व प्रत्येक सेकेंडरी स्टॉकयार्ड पर भंडारित बालू की वास्तविक मात्रा का भौतिक सत्यापन एवं कैपिंग के अनुरूप विधिवत परीक्षण कराया गया अथवा नहीं। ऐसी स्थिति में नियमों के उल्लंघन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि भंडारण की जांच 10 जून को कराई गई थी, जबकि 15 जून तक विभिन्न सेकेंडरी स्टॉकयार्डों में लगातार बालू का भंडारण होता रहा। यदि यह तथ्य सही है, तो 10 जून की जांच रिपोर्ट के आधार पर बाद में भंडारित अतिरिक्त बालू को शामिल किए बिना बिक्री की अनुमति देना नियमों की पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


ऐसे में भोजपुर जिले के सभी बालू घाटों के सेकेंडरी स्टॉकयार्ड में भंडारित बालू की मात्रा की किसी स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय समिति अथवा सक्षम तकनीकी टीम से पुनः भौतिक जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, नियमों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की प्रशासनिक अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित बालू घाट संचालकों एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनहित, राजस्व हित एवं खनन नियमों की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. शिकायतकर्ता भी इस बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है कि खनन विभाग ने किसी तरह की जांच कराई हो. 


 इधर, भोजपुर समाहरणालय की तरफ से 16 जुलाई को भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय यादव को पत्र भेजकर बालू के अवैध भंडारण का प्रमाण मांगा गया. पत्र में कहा गया है कि भोजपुर जिले के 12 एवं 26 ए नंबर बालू घाटों पर खनन नियम को नदर अंदाज कर सेकेन्द्री लोडिंग में अवैध तरीके से निर्धारित मानक के विरूद्ध जाकर चार गुणा अधिक बालू का स्टॉक किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है. ओवरलोडिंग से लेकर स्थानीय खनन अधिकारियों की संवेदक से मिलीभगत की शिकायत की गई है . इस संबंध में शिकायतकर्ता से प्रशासन ने शपथ पत्र देने को कहा है.आवेदक अजय कुमार ने बताया कि जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही . शिकायत करने पर खनन विभाग मौके पर जाकर जांच नहीं कर रहा, बल्कि प्रमाण मांग रहा.