ARRAH: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया है, जब जख्मी हालत में भरत तिवारी का शुरुआती इलाज करने वाले डॉक्टर का बयान सामने आया।


आरा के सफर अस्पताल के सर्जन डॉ. एम.एच. अंसारी ने वीडियो बयान में बताया कि गोली लगने के बाद भरत तिवारी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान उनके शरीर के पैर और निचले हिस्से में गोली लगने के निशान मिले थे। डॉ. अंसारी के मुताबिक अस्पताल पहुंचने के समय भरत तिवारी का ब्लड प्रेशर और पल्स काफी कम था और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना रेफर किया गया था।


डॉक्टर ने बताया कि भरत तिवारी के शरीर में चार से पांच गोलियां लगी थीं और सभी गोलियां पैर एवं निचले हिस्से में लगी थीं। डॉक्टर के इस बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 


भरत तिवारी की मौत के बाद से ही परिजन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह फर्जी एनकाउंटर था। वहीं पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो रही है। कई राजनीतिक दलों के नेता भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग कर चुके हैं। अब डॉक्टर के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।