Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच मंगलवार और बुधवार को भी जारी रहेगी। न्यायिक जांच आयोग के समक्ष इन दो दिनों में कुल सात गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।



इससे पहले 11 जुलाई को मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा था। सोमवार को तीन अन्य गवाहों की गवाही हुई थी। अब तक इस मामले में कुल पांच गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। 



मंगलवार को मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी, ग्रामीण राजाराम चौधरी और ललिता देवी आयोग के समक्ष अपनी गवाही देंगे। वहीं बुधवार को सरोज त्रिपाठी, अंजनी तिवारी, उषा देवी और चंद्रावती देवी के बयान दर्ज किए जाएंगे। सोमवार को आयोग के समक्ष गवाही देने के बाद सत्यनारायण चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में घटना को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर 30 से 35 पुलिसकर्मी मौजूद थे।



सत्यनारायण चौधरी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने भरत भूषण तिवारी से बातचीत कर उनकी मांगें पूरी करने और हथियार सौंपने को कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि हथियार फेंकने के बाद भरत भूषण तिवारी को करीब 50 मीटर दूर ले जाकर गोली मारी गई। उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष ने करीब आधे घंटे तक उनसे पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी दर्ज की।



डीपीआरसी भवन स्थित न्यायिक जांच आयोग कार्यालय में गवाही के दूसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। कार्यालय में प्रवेश से पहले सभी आगंतुकों की हैंड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके बाद आगंतुक पंजी में हस्ताक्षर कराने पर ही प्रवेश दिया गया।



आयोग के अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे और गवाहों के बयान दर्ज किए। सोमवार को मृतक की भाभी सुमन देवी, जवइनियां गांव के मंटू चौधरी और सत्यनारायण चौधरी ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा था। इससे पहले शनिवार को भारत भूषण तिवारी के माता-पिता से अलग-अलग करीब एक-एक घंटे तक पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए थे। आयोग मामले से जुड़े सभी गवाहों के बयान दर्ज कर घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है।