Bihar Crime News: पश्चिम चंपारण के बेतिया से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ले जाए जा रहे दिलशाद अंसारी की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं बेतिया पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि दिलशाद चलती पुलिस गाड़ी से कूदकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान बढ़ई टोला, औरैया निवासी दिलशाद अंसारी, पिता अकबर अंसारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, रात करीब दो बजे बानूछापर और सहोदरा थाने की पुलिस दिलशाद को घर से अपने साथ ले गई थी। सुबह करीब पांच बजे परिवार को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी गई।
परिजनों का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो दिलशाद की मौत हो चुकी थी। परिवार ने उसके सिर पर गंभीर चोट और माथा फटा होने का दावा करते हुए घटना पर सवाल उठाए हैं। पत्नी नगमा खातून और पिता अकबर अंसारी अपने बेटे और पति की मौत की सच्चाई जानना चाहते हैं।
इस मामले में बेतिया पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, दिलशाद अंसारी सहोदरा थाना कांड संख्या 65/25, दिनांक 2 अगस्त 2025, एनडीपीएस एक्ट के मामले में अभियुक्त थे। पुलिस का कहना है कि उन्हें बानूछापर से गिरफ्तार कर सहोदरा थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिकारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिलशाद चलती पुलिस गाड़ी से कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, मौके पर मौजूद जवानों ने उन्हें तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल, नरकटियागंज में भर्ती कराया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जीएमसीएच, बेतिया रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेतिया पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आगे की सभी विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पुलिस के दावे और परिजनों के आरोपों के बीच घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही हो सकेगी। बताया जा रहा है कि दिलशाद अंसारी की महज चार महीने की एक बेटी है। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन इस घटना की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट..