Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय शहर के नगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े पिस्टल लहराकर सरेआम फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पावर हाउस चौक के आसपास हथियार लहराते हुए फायरिंग करने वाले पुराने अपराधी गाछी पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इतना ही नहीं, फायरिंग के दौरान उसके साथ खड़े होकर कथित तौर पर समर्थन और हौसला अफजाई करने वाले दो अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज कर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। वीडियो में एक युवक सड़क पर खुलेआम पिस्टल लहराकर फायरिंग करता नजर आ रहा था। फायरिंग के दौरान उसके आसपास दो अन्य व्यक्ति भी दिखाई दे रहे थे, जो कथित तौर पर उसका समर्थन और हौसला बढ़ाते नजर आए।



सदर SDPO आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि करीब दो दिन पहले पावर हाउस चौक के आसपास सरेआम फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में गाछी पासवान नामक अपराधी खुलेआम फायरिंग करता दिखाई दे रहा था, जबकि उसके पास मौजूद दो अन्य व्यक्ति उसका समर्थन और हौसला अफजाई करते नजर आ रहे थे।



मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज को विधिवत जब्त किया और वायरल वीडियो का सत्यापन कराया। वीडियो और CCTV फुटेज से पहचान एवं घटना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने गाछी पासवान को गिरफ्तार कर लिया।



गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए जा रहे पिस्टल और दो राउंड गोली बरामद की है। आरोपी गछिया ने वैशाली में हुई एक चेन छिनतई की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार बरामद हथियार का इस्तेमाल फायरिंग में किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।



पुलिस के अनुसार, मामले में केवल फायरिंग करने वाले आरोपी पर ही कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि वीडियो में उसके साथ मौजूद दोनों व्यक्तियों की भूमिका को भी गंभीरता से लिया गया है। तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।



पुलिस जांच में गिरफ्तार गाछी पासवान का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस अब उसके पूर्व के आपराधिक मामलों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जांच का दायरा इस बात तक भी बढ़ाया जा रहा है कि उसके पास हथियार कहां से आया और फायरिंग के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।



सदर SDPO आनंद कुमार पांडेय ने सोशल मीडिया पर हथियार लेकर फायरिंग का वीडियो बनाने और उसे अपलोड करने वालों को भी स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो बनाना और अपलोड करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। लोग जाने-अनजाने में ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें सचेत हो जाना चाहिए। पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती है और इस तरह के तत्वों के खिलाफ तेजी से और कठोर कार्रवाई की जाती है।



फिलहाल ‘गछिया’ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम पहलू यह भी है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही फायरिंग महज दहशत फैलाने के लिए की गई थी या इसके पीछे किसी बड़ी आपराधिक साजिश अथवा विवाद की भूमिका थी।