BEGUSARAI:पुरानी रंजिश को लेकर बेगूसराय में पूर्व पार्षद मोहम्मद इरशादुल जमा और उनके सहयोगी की हत्या की साजिश रची गयी थी। 15 लाख की सुपारी देखकर गोलीबारी करवाई गयी थी। अब पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें तीन बदमाश स्कूटी रोककर फायरिंग करते दिख रहे हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। 


बताया जाता है कि पुरानी रंजिश को लेकर 18 सितंबर की रात करीब 10 बजे पूर्व पार्षद और उनके सहयोगी पर जानलेवा हमला किया गया था। जब वो स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी बलिया नगर परिषद के पूर्व पार्षद मोहम्मद इरशादुल जमा और उनके सहयोगी मोहम्मद शाकिर को गोली मारी गई। घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी थी, जिसका फुटेज अब सामने आया है। 


पुलिस की माने तो दोनों को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की कथित सुपारी तय किए जाने की बात सामने आई है। इसी साजिश के तहत शुक्रवार देर रात बाइक सवार मो. इरशादुज्जमा और मो. साकिर पर घात लगाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। गोली लगने से दोनों घायल हो गए। दोनों का इलाज बेगूसराय के कल्पना नर्सिंग होम में चल रहा है।


इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद 45 वर्षीय मुन्ना सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में जमीन विवाद और पुरानी रंजिश को वारदात की संभावित पृष्ठभूमि बताया जा रहा है।


इस गोलीकांड का एक अहम पहलू यह है कि घायल मो. इरशादुज्जमा को मो. सैफी उर्फ शाहदुज्जमा का भाई बताया जा रहा है। सैफी का नाम वर्ष 2024 में केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह से जुड़े एक मामले में सामने आया था। हालांकि, पुराने मामले और वर्तमान गोलीकांड के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।


बाइक रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग, पहले से घात लगाकर बैठा था बदमाश 

पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर 2026 की रात 41 वर्षीय मो. इरशादुज्जमा अपने 22 वर्षीय साथी मो. साकिर के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही मो. अरफराज के घर के समीप पहुंचे, वहां पहले से मौजूद तीन बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में इरशादुज्जमा के दाहिने कंधे और बाएं हाथ की अंगुली, जबकि साकिर के बाएं हाथ की अंगुली में गोली लगी।वारदात के बाद तीनों हमलावर मौके से फरार हो गए।


जमीन को लेकर चल रहा था विवाद

पुलिस के मुताबिक, घायल इरशादुज्जमा पार्षद प्रतिनिधि होने के साथ अनाज खरीद-बिक्री का कारोबार भी करते हैं। पुलिस को दिए बयान में उन्होंने बताया कि अपनी निजी जमीन नगर परिषद, बलिया को सड़क निर्माण के लिए दी थी। इसी जमीन को लेकर स्थानीय निवासी मो. सहरोज उर्फ जंगली से विवाद चलने की बात सामने आई है। पुलिस जमीन विवाद के साथ पुरानी रंजिश को भी घटना की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।


चार लोगों पर हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, पीड़ित के बयान में मो. सहरोज उर्फ जंगली, मो. शाहनवाज, मो. अब्दुल और मुन्ना सिंह पर दोनों की हत्या की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की कथित सुपारी तय किए जाने की बात सामने आई है। इस रकम को डंडारी थाना क्षेत्र के दिलीप यादव और कंकौल निवासी मुकेश यादव को दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी कथित सुपारी की रकम, उसके लेन-देन और सभी आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


CCTV और FSL से जुटाए जा रहे साक्ष्य

घटना की सूचना मिलते ही बलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। इसके बाद FSL टीम ने भी घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान, उनके आने-जाने के रास्ते और वारदात से पहले की गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है, सामने आए CCTV फुटेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।


पुलिस जांच में कई सवाल

लखमिनियां गोलीकांड में पुलिस कथित सुपारी कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि 15 लाख रुपये की रकम कहां से आई, सुपारी देने और लेने वालों के बीच क्या संबंध था, फायरिंग करने वाले तीनों बदमाश कौन थे और वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या दोनों घायलों की पहले से रेकी की गई थी और घटना के बाद हमलावर किस रास्ते से फरार हुए।


2024 में गिरिराज सिंह से जुड़े पुराने मामले के आरोपी का भाई है घायल

लखमिनियां गोलीकांड के बाद वर्ष 2024 का वह मामला भी चर्चा में आ गया है, जिसमें मो. सैफी उर्फ शाहदुज्जमा का नाम केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह से जुड़े प्रकरण में सामने आया था। जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2024 को बलिया अनुमंडल परिसर में केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह से जुड़े एक मामले में सामने आया था। आरोप था कि जनता दरबार के दौरान उसने गिरिराज सिंह के साथ हमला करने की कोशिश की गई थी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे रोक लिया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया था। इस घटना में गिरिराज सिंह को चोट नहीं आई थी।


पुलिस ने उस मामले में मो. सैफी को गिरफ्तार किया था और बाद में उसे न्यायालय से जमानत मिली थी। हालांकि, 2024 के इस मामले और वर्तमान गोलीकांड के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस एक आरोपित को गिरफ्तार कर अन्य आरोपितों और कथित 15 लाख रुपये के सुपारी कनेक्शन की जांच में जुटी है। अब लखमिनियां गोलीकांड में घायल इरशादुज्जमा को मो. सैफी का भाई बताया जा रहा है। इसी वजह से करीब दो साल पुराना मामला फिर चर्चा में है। 


एक गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस ने इस मामले में एक नामजद आरोपित मुन्ना सिंह को गिरफ्तार किया है। अन्य नामजद आरोपितों और फायरिंग में शामिल बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, FSL साक्ष्य, घायलों के बयान और कथित 15 लाख रुपये के सुपारी कनेक्शन को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।