Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय जिले में एक बार फिर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी और हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई है। डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर पंचायत के वार्ड संख्या-1 में अपराधियों ने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।



मृतक की पहचान राजोपुर गांव के वार्ड संख्या-2 निवासी शशि यादव के करीब 42 वर्षीय पुत्र रणधीर यादव उर्फ रवि यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रणधीर यादव अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित डेरे के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बदमाशों ने रणधीर यादव के सिर में गोली मार दी।



गोली लगते ही रणधीर यादव वहीं गिर पड़े और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली चलने और हत्या की खबर फैलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।



रणधीर यादव की हत्या की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं दिनदहाड़े हुई हत्या को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रणधीर यादव की हत्या किस वजह से की गई और इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह का अभी तक आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हो पाया है।



घटना की सूचना मिलते ही डंडारी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद बलिया डीएसपी सुबोध कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल शुरू की। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई।



मामले के उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी मनीष के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। पुलिस टीम बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले रणधीर यादव की किन लोगों से कहासुनी हुई थी और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे आपसी विवाद, पुरानी रंजिश समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।



स्थानीय सूत्रों के अनुसार रणधीर यादव की छवि अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति के रूप में बताई जाती थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे किसी विशेष आपराधिक रंजिश या अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव में 21 जुलाई 2025 की शाम करीब 40 वर्षीय हरेराम पासवान उर्फ हरैया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।



उस हत्याकांड में रणधीर यादव उर्फ रवि यादव का नाम भी सामने आया था। हालांकि पुलिस जांच के बाद रणधीर यादव का नाम उस मामले से हटा दिया गया था। जांच के दौरान सामने आया था कि जिस समय हरेराम पासवान की हत्या हुई थी, उस समय रणधीर यादव भागलपुर में मौजूद था।



बताया गया था कि हरेराम पासवान अपनी पत्नी लालो देवी के साथ हाट-बाजार से सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान राजोपुर नावघाट और छठ मंदिर के समीप बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर सिर में गोली मार दी थी। गोली लगने से हरेराम पासवान की मौके पर ही मौत हो गई थी।



राजोपुर गांव में करीब एक साल के अंतराल में गोली मारकर हत्या की दो घटनाओं ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि दोनों हत्याकांड के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।



अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं - रणधीर यादव की हत्या किसने की? हत्या की वजह क्या थी? क्या वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या फिर मौके पर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी हुई है। एफएसएल जांच, परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ तथा पुलिस की छापेमारी के बाद ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।