Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय जिले में चोरों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आ रहे हैं। इस बार चोरों ने रतनपुर थाना क्षेत्र के पिपरा मोहल्ले में एक सीआरपीएफ इंस्पेक्टर के बंद मकान को निशाना बनाकर 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। पांच महीने से बंद मकान में चोरी की इस बड़ी वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पिपरा मोहल्ला निवासी राज किशोर सिंह कोलकाता में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। बताया जाता है कि बीते 18 मई को वह परिवार के साथ मकान में ताला लगाकर ड्यूटी पर चले गए थे। मंगलवार की सुबह करीब चार बजे जब वे वापस घर पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। मकान की पहली मंजिल के दो कमरों के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था।
चोरों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। मकान का ग्राउंड फ्लोर सुरक्षित रहा, जबकि पहली मंजिल के दो कमरों को पूरी तरह खंगाल दिया गया। वीआईपी बैग, ट्रंक और गोदरेज तक को चोरों ने नहीं छोड़ा। घर से सोने-चांदी के कीमती जेवरात, शादी में मिले पीतल के बर्तन, बच्चों के नए कपड़े समेत कई कीमती सामान गायब मिले। चोरी गई संपत्ति की कीमत 30 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
वारदात के तरीके को देखकर आशंका जताई जा रही है कि चोर छत के रास्ते मकान में दाखिल हुए थे। हैरानी की बात यह है कि पूरे मकान में सिर्फ दो कमरों को ही निशाना बनाया गया। ऐसे में पीड़ित परिवार को आशंका है कि घर की बनावट और अंदर रखे सामान की जानकारी रखने वाले किसी परिचित की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद पीड़ित की पत्नी किरण देवी ने डायल-112 की पुलिस टीम के करीब एक घंटे की देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी की घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई जरूरी थी। परिवार ने पुलिस से आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और चोरी में शामिल अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की है।
फिलहाल इस बड़ी चोरी की वारदात ने रतनपुर थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस के सामने बंद मकान में हुई इस सुनियोजित चोरी की गुत्थी सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने की चुनौती है। देखना होगा कि लाखों की इस चोरी का खुलासा पुलिस कितनी जल्दी कर पाती है और चोरी गए सामान की बरामदगी कब तक होती है।