Vigilance Raid Bihar: बिहार के बेगूसराय में सरकारी मुआवजे की राशि पाने के लिए एक मां करीब एक साल से प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटती रही, लेकिन उसकी फाइल आगे बढ़ने के बजाय रिश्वत की मांग में अटक गई। आखिरकार पीड़िता ने निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया और शुक्रवार को बेगूसराय सदर ब्लॉक में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।



गिरफ्तार क्लर्क की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी राम आशीष महतो के पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है। वह सदर अंचल/प्रखंड कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। ये कार्रवाई निगरानी विभाग की टीम ने डीएसपी रामबाबू प्रसाद के नेतृत्व में की गई है 



मामला चांदपुर गांव की रहने वाली दौलती देवी से जुड़ा है। दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की पिछले कार्तिक माह में छठ पूजा के दौरान नहाय-खाय के दिन स्नान करने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। सरकार की ओर से आपदा के तहत मृतका के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाना था। पीड़िता के मुताबिक, मुआवजे से संबंधित फाइल करीब एक साल से सदर ब्लॉक कार्यालय में लंबित थी। 



राशि के लिए वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही थी, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पीड़िता का आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और मुआवजे की राशि दिलाने के नाम पर क्लर्क सोनू कुमार द्वारा पहले 80 हजार रुपये की मांग की गई। बाद में मामला 5 हजार रुपये तक पहुंचा।



पीड़िता ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रकम कम करने की गुहार लगाई। आखिरकार कथित तौर पर 4 हजार रुपये में बात तय हुई। पीड़िता के अनुसार, करीब 15 दिनों से रिश्वत की रकम की मांग की जा रही थी। परेशान होकर दौलती देवी ने पूरे मामले की शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग के अधिकारियों से की।



शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने पहले मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई की तैयारी की। शुक्रवार को निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही क्लर्क सोनू कुमार ने शिकायतकर्ता दौलती देवी से 4 हजार रुपये रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।



निगरानी विभाग के डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने बताया कि चांदपुर गांव की रहने वाली दौलती देवी की बेटी की डूबने से मौत हुई थी। सरकार की ओर से मिलने वाले चार लाख रुपये के आपदा मुआवजे से संबंधित कार्य के लिए सदर अंचल के क्लर्क सोनू कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी।



उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग के पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि क्लर्क द्वारा पहले 5 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया गया और आज कार्रवाई करते हुए 4 हजार रुपये रिश्वत लेते क्लर्क सोनू कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद सदर ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।