Bihar Crime News: बिहार के बांका जिले के ऐतिहासिक मंदार पर्वत पर युवती से छेड़छाड़, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह, निवासी चिहार गांव, बाराहाट, को बांका पुलिस की विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित हावड़ा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।
बांका एसपी अमितेष कुमार ने रविवार को प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना करीब तीन माह पूर्व, तीन जून को हुई थी। इस मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं।
पुलिस के अनुसार, युवती प्रतिदिन मवेशियों का दूध बेचने के लिए बौंसी बाजार आती-जाती थी। तीन जून को बाजार से लौटने के दौरान उसके पूर्व परिचित अनंत और विभीषण ने उसे सुरक्षित घर पहुंचाने का भरोसा देकर अपने साथ लिया। आरोप है कि दोनों युवती को सुनसान रास्ते से मंदार पर्वत की तलहटी और पहाड़ी क्षेत्र में ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई। इसी दौरान बाराहाट के चिहार गांव निवासी अब्दुल्लाह अपने कुछ अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल्लाह और उसके साथियों ने युवती और उसके साथ मौजूद युवकों को बंधक बना लिया तथा घटना का आपत्तिजनक वीडियो मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई।
रकम तत्काल देने में असमर्थता जताने पर आरोपितों ने दबाव बनाया। इसके बाद अनंत ने अपने मोबाइल फोन से अब्दुल्लाह के नंबर पर ऑनलाइन भुगतान के जरिए 1,500 रुपये ट्रांसफर किए। शेष रकम बाद में देने की बात पर आरोपितों ने उन्हें छोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार, जब आरोपितों को बाकी रकम नहीं मिली तो उन्होंने दबाव बनाने के लिए 22 सितंबर को आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद बौंसी थाने में छह-सात नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ पोक्सो एक्ट तथा आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले में पीड़िता की मां के लिखित बयान पर नामजद आरोपित विभीषण और अनंत को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
पुलिस अधीक्षक अमितेष कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह गिरफ्तारी से बचने के लिए कोलकाता भाग गया था। तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और हावड़ा रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसपी के अनुसार, मामले में तीन आरोपित बालिग हैं, जबकि कुछ अन्य सहयोगियों के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले में PhonePe लेनदेन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन से संबंधित फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। इन साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल कराने की दिशा में कार्रवाई करेगी।