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29-Aug-2025 08:44 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Crime News: अररिया जिले के बैरगाछी थाना क्षेत्र स्थित मानिकपुर वार्ड नंबर 9 में भूमि विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार की अदालत ने 45 वर्षीय महिला नन्ही खातून और उनके दो बेटों 21 वर्षीय मोनू आलम और 23 वर्षीय सलमान उर्फ चांद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में सभी को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सरकारी पक्ष की एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि यह घटना 18 जून 2024 की है। पीड़ित रब्बान के अनुसार, उसका छोटा भाई नबी हसन खेत में बैठा था, तभी गांव के ही अहमद हुसैन, नन्ही खातून, सोनू, सलमान, रानू, लाडली, ईरम, भानु, खैतुनिया व असहाब हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे और हमला करने लगे।
नबी हसन जान बचाकर भागा और घर में छुप गया, लेकिन हमलावर उसके पिता को पकड़कर अपने आंगन में ले गए और लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी और लात-घूंसे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल रब्बान के पिता को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां आधे घंटे के भीतर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद रब्बान ने बैरगाछी थाना में 18 जून 2025 को केस दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 सितंबर 2024 को आरोप पत्र दाखिल किया और 11 नवंबर 2024 को अदालत ने संज्ञान लिया। 3 जनवरी 2025 को आरोप गठन हुआ, जिसमें अभियुक्तों ने खुद को निर्दोष बताया। 7 फरवरी 2025 से अभियोजन पक्ष ने गवाहों को पेश करना शुरू किया, जहां सभी गवाहों ने घटना की पुष्टि की।
अंततः अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत तीनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। मामले में दो अन्य आरोपी सोनू और रानू के खिलाफ पूरक अनुसंधान अब भी जारी है।