ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' ज्योति सिंह ने पवन सिंह को दी वेडिंग एनिवर्सरी की बधाई, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर; लिखा- 'Happy anniversary' Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश Bihar News: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की तो नपेंगे, राजस्व सेवा के कर्मियों के लिए विभाग का सख्त आदेश UPSC Result: अरवल की बेटी आकांक्षा सिंह को मिली सफलता, UPSC परीक्षा में 454वां रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान कौन थे भारत के पहले IAS अधिकारी? जिन्होंने इंग्लैंड से पास की थी परीक्षा, रवींद्रनाथ टैगोर से था गहरा नाता; सफलता की कहानी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत

बिहार के लाल ने किया कमाल: UPSC परीक्षा में मिली सफलता, बनेंगे IAS ऑफिसर

UPSC Result: मुजफ्फरपुर के सिद्धार्थ कृष्णा ने एक बार फिर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। पहले 680वीं रैंक पाने के बाद इस बार उन्होंने 431वीं रैंक हासिल कर IAS बनने की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं।

06-Mar-2026 04:58 PM

By First Bihar

UPSC Result 2026: किसी ने खूब कहा है कि लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इन पंक्तियों को सच कर दिखाया है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले सिद्धार्थ कृष्णा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी बार सफलता प्राप्त की है। इस बार उन्होंने 431वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले भी वे यूपीएससी परीक्षा में सफल हो चुके हैं और वर्तमान में इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस (IAAS) के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।


जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ कृष्णा मुजफ्फरपुर जिले के सिकंदरपुर इलाके के निवासी हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता हासिल की है। इससे पहले हुए परीक्षा परिणाम में उन्हें 680वीं रैंक मिली थी। उस रैंक के आधार पर उनका चयन इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस (IAAS) के लिए हुआ था और फिलहाल वे शिमला में प्रशिक्षण ले रहे हैं।


सिद्धार्थ कृष्णा ने अपनी रैंक में सुधार के उद्देश्य से तैयारी जारी रखी थी। इसके बाद घोषित परिणाम में उन्हें 431वीं रैंक प्राप्त हुई है। इस रैंक के आधार पर उनके भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन की संभावना जताई जा रही है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सिद्धार्थ कृष्णा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।


यूपीएससी परीक्षा के दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा। जानकारी के अनुसार उन्होंने तीन बार परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं कर सके। कुछ प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) तक ही सीमित रह गए, जबकि कुछ बार मुख्य परीक्षा या इंटरव्यू चरण तक पहुंचने के बाद भी अंतिम सूची में स्थान नहीं बना सके। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और पुनः परीक्षा दी।


सिद्धार्थ के परिवार की बात करें तो उनके पिता महेश प्रसाद यादव बिहार पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में बेगूसराय में पदस्थापित बताए जाते हैं। वहीं उनके नाना पंचम राय बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।


परिवार में शिक्षा और अनुशासन का वातावरण रहा है। सिद्धार्थ की माता मृदुला यादव सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार जब सिद्धार्थ चौथी कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, उस समय उनके परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आए थे। उस समय उनके माता-पिता दोनों नौकरी करते थे।


बताया जाता है कि इसके बाद उनकी मां ने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और मार्गदर्शन पर अधिक समय देना शुरू किया।


सिद्धार्थ कृष्णा ने अपनी पढ़ाई के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी और कई प्रयासों के बाद परीक्षा में सफलता प्राप्त की। पहले प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्होंने पुनः परीक्षा दी और पहले 680वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अपनी रैंक में सुधार के लिए फिर से परीक्षा दी, जिसमें उन्हें 431वीं रैंक प्राप्त हुई है।