Thalapathy Vijay News: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से नेता बने विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा भूचाल ला दिया है, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। अपनी नई पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम के गठन के महज दो साल के भीतर ही उन्होंने चुनावी मैदान में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सत्ता के बेहद करीब पहुंचने का दावा पेश कर दिया है।
पढ़ाई कितनी की? जानकर चौंक जाएंगे
विजय की लोकप्रियता जितनी बड़ी है, उनकी पढ़ाई को लेकर उतनी ही दिलचस्प कहानी है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा चेन्नई के एक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए लोयोला कॉलेज में बीए कोर्स में दाखिला लिया।
लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। अभिनय के प्रति बढ़ते जुनून के कारण उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और पूरी तरह फिल्मों की दुनिया में कदम रख दिया। यानी वह एक कॉलेज ड्रॉपआउट रहे, लेकिन अपने हुनर के दम पर उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी लिखी, जो आज मिसाल बन चुकी है।
फिल्मी करियर: 33 साल का शानदार सफर
विजय ने अपने करियर में करीब 68 फिल्मों में मुख्य अभिनेता के तौर पर काम किया है। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रहीं और 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई भी की। यही वजह है कि उनके फैंस उन्हें प्यार से “थलापति” यानी नेता कहकर बुलाते हैं।
राजनीति में एंट्री और ऐतिहासिक सफलता
2 फरवरी 2024 को विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम की स्थापना की। राजनीति में उतरते ही उन्होंने पारंपरिक द्रविड़ दलों को कड़ी चुनौती दी। पहले ही बड़े चुनाव में उनकी पार्टी ने 107 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया।
जहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम लगभग 60 सीटों पर सिमट गई, वहीं अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 47 सीटों तक ही पहुंच पाई। इस नतीजे ने साफ कर दिया कि जनता ने विजय को बड़े भरोसे के साथ स्वीकार किया है।
राजनीति के लिए छोड़ा फिल्मों का साथ
विजय ने चुनाव में उतरने से पहले ही अपने 33 साल के फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीति में आना है, तो पूरे समर्पण के साथ आना होगा। यही फोकस और प्रतिबद्धता आज उन्हें तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा कर रही है।
क्या बनेंगे अगले मुख्यमंत्री?
तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विजय अब मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उनकी लोकप्रियता, साफ छवि और सीधे जनता से जुड़ाव ने उन्हें एक अलग पहचान दी है। यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि उस शख्स की है जिसने अपने जुनून के दम पर पहले सिनेमा और अब राजनीति में इतिहास रचने की राह पकड़ ली है।