ब्रेकिंग न्यूज़

Patna News: पटना में GOAL Institute का होली मिलन समारोह, रंगों, रिश्तों और सम्मान का भव्य उत्सव Patna News: पटना में GOAL Institute का होली मिलन समारोह, रंगों, रिश्तों और सम्मान का भव्य उत्सव Airline Ticket Refund Policy: फ्लाइट टिकट कैंसिलेशन के नियम बदले, इस दिन से लागू होंगे नए बदलाव; जानिए.. Airline Ticket Refund Policy: फ्लाइट टिकट कैंसिलेशन के नियम बदले, इस दिन से लागू होंगे नए बदलाव; जानिए.. होली पर बिहार आने की मारामारी: ट्रेनों में 300 तक वेटिंग, दिल्ली-मुंबई से हवाई किराया छू रहा आसमान; बस सेवा बनी सहारा होली पर बिहार आने की मारामारी: ट्रेनों में 300 तक वेटिंग, दिल्ली-मुंबई से हवाई किराया छू रहा आसमान; बस सेवा बनी सहारा CBSE New Language Policy: अब स्टूडेंट्स को क्लास 6 से पढ़नी होंगी तीन भाषाएं, CBSE का बड़ा फैसला CBSE New Language Policy: अब स्टूडेंट्स को क्लास 6 से पढ़नी होंगी तीन भाषाएं, CBSE का बड़ा फैसला Rashmika Vijay Wedding Pic: सात जन्मों के बंधन में बंधे रश्मिका और विजय देवरकोंडा, कपल ने शेयर कीं शादी की खूबसूरत तस्वीरें; देखिए.. Rashmika Vijay Wedding Pic: सात जन्मों के बंधन में बंधे रश्मिका और विजय देवरकोंडा, कपल ने शेयर कीं शादी की खूबसूरत तस्वीरें; देखिए..

IAS Success Story: पिता को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, बिना कोचिंग किए IAS अधिकारी बनी बिहार की यह बेटी

पिता का सपना, मां का संघर्ष और हालातों की कड़ी परीक्षा… क्या एक साधारण परिवार की बेटी सच में देश की सबसे कठिन परीक्षा फतह कर सकती है? बक्सर की गरिमा लोहिया ने न सिर्फ यह कर दिखाया, बल्कि बिना कोचिंग AIR-2 हासिल कर लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन गईं।

IAS Success Story: पिता को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, बिना कोचिंग किए IAS अधिकारी बनी बिहार की यह बेटी

26-Feb-2026 06:35 PM

By First Bihar

IAS Success Story: गरिमा लोहिया बिहार के बक्सर जिले की एक साधारण लड़की से लेकर आईएएस अधिकारी बनने तक का सफर तय करने वाली एक प्रेरणादायक शख्सियत हैं। उनका जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। गरिमा ने अपनी मेहनत से वो मुकाम हासिल किया है, जिसे कोई भी साधारण छात्रा केवल सपने में ही देख सकती है।


पिताजी का सपना था, बेटी बने आईएएस

गरिमा का जीवन एक खास उद्देश्य से भरा हुआ था। उनके पिता जो बक्सर में कपड़ों के थोक व्यापारी थे, उनका सपना था कि उनकी बेटी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करे और एक दिन आईएएस अधिकारी बने। यह सपना उनके लिए कुछ खास था, लेकिन दुर्भाग्यवश जब उनकी बेटी ने यह मुकाम हासिल किया, तो उनका पिता इसे देखने के लिए जीवित नहीं थे। पिताजी का निधन 2015 में दिल का दौरा पड़ने से हो गया था।


माँ ने संजीवनी दी, और सपना पूरा किया

गरिमा के लिए यह समय बेहद कठिन था। पिता की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था, लेकिन उनकी माँ ने बेटे और बेटी के लिए अपने दर्द को छिपाते हुए परिवार को संभाला। उन्होंने हमेशा गरिमा को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उनका हौसला बनाए रखा।


गरिमा ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि "अगर माँ का साथ नहीं होता, तो यह सपना कभी पूरा नहीं होता।" उनकी माँ ने न केवल उनकी पढ़ाई में मदद की, बल्कि रात-रात भर जागकर उनका ख्याल भी रखा, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बने रहें।


कोरोना के बाद बिना कोचिंग की पढ़ाई

जब गरिमा यूपीएससी की कोचिंग के लिए दिल्ली आई थीं, तब कोविड-19 महामारी ने सब कुछ बदल दिया। देशभर में लॉकडाउन लग गया, कोचिंग संस्थान बंद हो गए और सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद हो गए। ऐसे में गरिमा को अपने घर बक्सर लौटना पड़ा।


लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वे जानती थीं कि अगर इस मुश्किल वक्त में भी कुछ नहीं किया तो वह अपने लक्ष्य से बहुत दूर चली जाएंगी। फिर उन्होंने घर पर ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया। यूट्यूब, ऑनलाइन क्लासेस और स्टडी मटेरियल्स के जरिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। यह एक कठिन दौर था, लेकिन गरिमा ने बिना कोचिंग के, केवल अपनी मेहनत और समर्पण से UPSC परीक्षा की तैयारी की।


दूसरे प्रयास में मिली सफलता

गरिमा के लिए पहला प्रयास आसान नहीं था। बिना कोचिंग और सही मार्गदर्शन के पहले प्रयास में वह असफल हो गईं। लेकिन गरिमा ने कभी हार नहीं मानी। अपनी असफलता को आत्ममंथन और सिखने का मौका बनाया। दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में AIR-2 (All India Rank 2) हासिल कर एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की।


यह सफलता उनके लिए एक सपना था, जिसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, हौसले और दृढ़ निश्चय के साथ हासिल किया। गरिमा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माँ को दिया, जिनके बिना यह सपना पूरा करना नामुमकिन था।


बिहार के पालीगंज में SDM के पद पर तैनाती

आज गरिमा लोहिया पालीगंज में SDM (Sub-Divisional Magistrate) के पद पर तैनात हैं और अपने कर्तव्यों का पालन कर रही हैं। वह अब बिहार राज्य की प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनका यह सफर न सिर्फ उनकी मेहनत, बल्कि उनके परिवार के प्यार और समर्थन का भी परिणाम है।