Bihar News: बिहार के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली ने नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), बिहटा को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 250 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इससे पहले संस्थान में 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता थी. नई स्वीकृति के बाद अब यहां 100 अतिरिक्त सीटों पर मेडिकल छात्रों का दाखिला हो सकेगा.


कॉलेज प्रशासन ने इसे संस्थान, बिहटा, पटना और पूरे बिहार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. संस्थान के अनुसार, यह सफलता अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, आधुनिक प्रयोगशालाओं, उन्नत शिक्षण सुविधाओं, अनुभवी फैकल्टी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का परिणाम है.


संस्थान के चेयरमैन एम. एम. सिंह ने कहा कि 250 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी केवल कॉलेज की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अपने ही प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. साथ ही आने वाले वर्षों में बिहार को अधिक संख्या में योग्य, कुशल और संवेदनशील चिकित्सक मिल सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी और मजबूत होंगी.


संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी ने इस उपलब्धि पर बिहटा, पटना और पूरे बिहार के लोगों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा.


कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. हरिहर दीक्षित ने कहा कि संस्थान राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के सभी मानकों पर खरा उतरते हुए चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.


इस अवसर पर चेयरमैन एम. एम. सिंह ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), संस्थान के शिक्षकों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, स्थानीय नागरिकों और बिहारवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और समर्पण से संस्थान भविष्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा.