Neha Bora Education: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की पीएचडी स्कॉलर नेहा बोरा इन दिनों छात्र आंदोलनों को लेकर चर्चा में हैं. दिल्ली में छात्र-युवा मुद्दों को लेकर हुए हालिया प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भूमिका सामने आई है. छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाली नेहा बोरा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, इसके बाद अंबेडकर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और अब JNU से पीएचडी कर रही हैं.


उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं नेहा बोरा

नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं. उनके पिता भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पिता की पोस्टिंग अलग-अलग जगहों पर होने के कारण नेहा का बचपन भी देश के अलग-अलग शहरों में बीता. इस दौरान उन्हें अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल को करीब से समझने का मौका मिला.


स्कूली दिनों से ही साहित्य और रंगमंच में रुचि

नेहा बोरा की सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में रुचि की शुरुआत छात्र राजनीति में आने से पहले ही हो गई थी. स्कूली दिनों में उनका जुड़ाव साहित्य और रंगमंच से रहा. आगे चलकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने नुक्कड़ नाटक और स्ट्रीट थिएटर ग्रुप संगवारी के साथ काम किया. थिएटर के जरिए सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को लोगों के बीच रखने का अनुभव उनके आगे के सफर में भी काम आया.


DU से किया ग्रेजुएशन

नेहा बोरा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA की पढ़ाई पूरी की. ग्रेजुएशन के दौरान ही वह छात्र और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय होने लगी थीं. इसी दौर में उनका जुड़ाव स्ट्रीट थिएटर से भी हुआ.


अंबेडकर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स

ग्रेजुएशन के बाद नेहा बोरा ने दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी से MA की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उनका शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा सफर आगे बढ़ता रहा.


JNU से कर रही हैं PhD

वर्तमान में नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से पीएचडी कर रही हैं. JNU में पढ़ाई के साथ वह छात्र राजनीति और छात्र आंदोलनों में भी सक्रिय रही हैं. यही वजह है कि उनकी पहचान अब सिर्फ एक शोधार्थी के तौर पर नहीं, बल्कि छात्र राजनीति के एक प्रमुख चेहरे के रूप में भी बनी है.


थिएटर से छात्र राजनीति तक पहुंचा सफर

नेहा बोरा के एक्टिविज्म की शुरुआत थिएटर से हुई और धीरे-धीरे वह छात्र राजनीति में सक्रिय हो गईं. उन्होंने सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को लेकर होने वाले आंदोलनों में हिस्सा लिया. वर्ष 2019-20 में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA के खिलाफ हुए आंदोलनों के दौरान भी उनकी सक्रियता सामने आई.


इसके बाद छात्र राजनीति में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई और वह AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं. हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों और विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.