JEE Advanced success story 2026: एक छोटे से गांव से निकली संघर्ष, त्याग और सफलता की यह कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. जिस बेटे के सिर से कम उम्र में पिता का साया उठ गया, जिसकी मां ने घर चलाने के लिए दिन-रात सिलाई मशीन चलाई, आज वही बेटा पूरे गांव का पहला IITian बनने जा रहा है. जिगर नायक ने JEE Advanced 2026 में शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और हौसले के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है.
ओडिशा के गंजम जिले के बाकलीकोड़ा गांव निवासी जिगर नायक ने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 5474 हासिल की है. वहीं OBC-NCL श्रेणी में उन्होंने 1201वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया है. गांव के लोगों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जिगर अपने क्षेत्र के पहले छात्र हैं जो IIT तक पहुंचने जा रहे हैं.
जिगर के पिता जूरीनाथ नायक गुजरात की एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में काम करते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से चल रही थी. लेकिन अचानक पिता को कैंसर होने का पता चला. इलाज में परिवार की जमा पूंजी खर्च हो गई और आर्थिक संकट गहराने लगा. कई वर्षों तक बीमारी से जूझने के बाद साल 2020 में पिता का निधन हो गया. पिता की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी मां अपूर्वा नायक के कंधों पर आ गई. एक तरफ परिवार चलाने की चुनौती थी तो दूसरी तरफ बेटे के सपनों को जिंदा रखना था. मां ने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना. उन्होंने गोल्ड लोन लिया और गांव-गांव जाकर सिलाई का काम शुरू किया. दिन में घर संभालतीं और रात में सिलाई मशीन चलाकर परिवार का खर्च जुटातीं. कई बार आर्थिक तंगी इतनी बढ़ जाती थी कि घर में जरूरत की चीजें खरीदना भी मुश्किल हो जाता था, लेकिन उन्होंने बेटे की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिगर को 10वीं कक्षा तक IIT और JEE जैसी परीक्षाओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. एक दिन सोशल मीडिया पर उन्होंने IIT से जुड़ा एक वीडियो देखा. उस वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. तभी उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें IIT में दाखिला लेना है और अपनी मां के संघर्ष का फल उन्हें सफलता के रूप में लौटाना है.
10वीं में 95 प्रतिशत और 12वीं में 87 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले जिगर ने इसके बाद पूरी ताकत JEE की तैयारी में लगा दी. बेहतर तैयारी के लिए वह कोटा पहुंचे. उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए कोचिंग संस्थान ने उनकी पढ़ाई में विशेष मदद की और फीस में भी राहत दी. जिगर ने दिन-रात मेहनत की और आखिरकार JEE Advanced 2026 में सफलता हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया.
जिगर का एक छोटा भाई भी है जो अभी सातवीं कक्षा में पढ़ता है. अपनी सफलता पर भावुक होते हुए जिगर कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपनी मां को आराम की जिंदगी देना है. वह चाहते हैं कि अब उनकी मां को कभी सिलाई मशीन पर बैठकर संघर्ष न करना पड़े और उनके छोटे भाई की पढ़ाई भी किसी आर्थिक परेशानी के कारण प्रभावित न हो.