Success Story: जहानाबाद की जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया इन दिनों अपने अलग अंदाज के फील्ड विजिट को लेकर चर्चा में हैं. सरकारी बैठकों और दफ्तरों तक सीमित रहने के बजाय वह स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के बीच बैठती हैं, उनके साथ खाना खाती हैं, पढ़ाई को लेकर बातचीत करती हैं और खेल गतिविधियों में भी शामिल होती हैं. उनके काम करने का यह तरीका प्रशासन और आम लोगों के बीच सीधे संवाद पर आधारित नजर आता है.
हाल ही में मध्य विद्यालय मखदुमपुर के सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान डीएम छिरिङ वाई भूटिया बच्चों के बीच बैठकर मिड-डे मील खाती नजर आईं. उन्होंने खुद खाने की क्वालिटी परखी और बच्चों से बातचीत कर स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा. निरीक्षण के दौरान 20 में से 17 शिक्षक उपस्थित मिले, जबकि 948 नामांकित बच्चों में 558 बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे. करीब 58.86 फीसदी उपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई और इसमें तत्काल सुधार के निर्देश दिए.
उनका फील्ड विजिट सिर्फ स्कूल की व्यवस्थाओं की जांच तक सीमित नहीं रहता. 21 अगस्त 2026 को काजीसराय के उत्क्रमित उच्च विद्यालय के निरीक्षण के दौरान वह छात्राओं के बीच पहुंचीं और उनके साथ बास्केटबॉल खेला. उन्होंने छात्राओं को खेल से जुड़ी कुछ तकनीकों के बारे में भी बताया. डीएम के इस अंदाज से छात्राओं का उत्साह बढ़ा और प्रशासनिक अधिकारी तथा विद्यार्थियों के बीच सीधे संवाद की तस्वीर सामने आई.
होरिलगंज स्थित कन्या मध्य विद्यालय में निरीक्षण के दौरान भी छिरिङ वाई भूटिया बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर मिड-डे मील खा चुकी हैं. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को खुद समझने के लिए खाना चखा और बच्चों से पढ़ाई, स्कूल आने और उनकी रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में जानकारी ली. स्कूलों के निरीक्षण में उनका जोर सिर्फ कागजी रिपोर्ट देखने के बजाय मौके पर पहुंचकर व्यवस्था को करीब से समझने पर दिखाई देता है.
छिरिङ वाई भूटिया की कहानी सिर्फ उनके प्रशासनिक काम करने के तरीके तक सीमित नहीं है. मूल रूप से सिक्किम की रहने वाली छिरिङ ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स किया. इसके बाद अर्थशास्त्र में ही मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और IAS अधिकारी बनीं. बिहार की 2026 सिविल लिस्ट में उनका नाम 2013 बैच की IAS अधिकारी के रूप में दर्ज है.
IAS बनने के बाद उन्हें शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर मिला. बाद में बिहार कैडर में आने के लिए उन्होंने करीब 8 साल तक प्रयास किया. जून 2026 में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर बिहार हुआ और उन्होंने जहानाबाद के जिलाधिकारी के रूप में पदभार संभाला.
इस सफर में उनकी निजी जिंदगी भी एक अहम मोड़ लेकर आई. 2012 में UPSC परीक्षा पास करने के बाद जब वह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग के लिए पहुंचीं, उसी दौरान उनकी मुलाकात 2013 बैच के IAS अधिकारी आनंद शर्मा से हुई. ट्रेनिंग के दौरान दोनों की दोस्ती हुई और बाद में दोनों ने शादी कर ली.
शादी के बाद दोनों अलग-अलग कैडर में काम कर रहे थे. साथ रहने के लिए छिरिङ वाई भूटिया ने इंटर-कैडर ट्रांसफर का प्रयास शुरू किया. दस्तावेजों के अनुसार उन्होंने 2017 में पश्चिम बंगाल सरकार के सामने इसके लिए आवेदन किया था. इसके बाद भी कई स्तरों पर आवेदन और अनुरोध किए गए. 2022 में बिहार सरकार की ओर से इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए NOC जारी की गई. करीब 8 साल की कोशिश के बाद जून 2026 में उनके बिहार आने का रास्ता साफ हुआ.
जहानाबाद की डीएम के रूप में पदभार संभालने के बाद उनके फील्ड विजिट लगातार चर्चा में हैं. स्कूलों में वह बच्चों से सीधे बातचीत करती हैं, मिड-डे मील की गुणवत्ता खुद देखकर समझने की कोशिश करती हैं और छात्राओं के साथ खेल गतिविधियों में भी शामिल होती हैं. वहीं निरीक्षण के दौरान स्कूल में शिक्षकों की मौजूदगी और बच्चों की उपस्थिति जैसे बिंदुओं पर भी वह मौके पर ही सवाल करती हैं.