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28-Feb-2026 05:14 PM
By First Bihar
JEE Main 2026: इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए लेटरल एंट्री प्रोग्राम एक बेहतरीन विकल्प बन गयाा है। खासतौर पर उन छात्रों के लिए, जिन्होंने डिप्लोमा या बीएससी की पढ़ाई पूरी कर ली है, बीटेक में सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला लेने का यह मौका समय और मेहनत दोनों बचाता है।
लेटरल एंट्री सिस्टम के तहत योग्य छात्र बीटेक के पहले वर्ष को छोड़कर सीधे सेकंड ईयर में प्रवेश पा सकते हैं। आमतौर पर बीटेक कोर्स चार साल का होता है, लेकिन इस प्रक्रिया से छात्र केवल तीन साल में अपनी इंजीनियरिंग डिग्री पूरी कर सकते हैं।
कौन ले सकता है लेटरल एंट्री में प्रवेश?
लेटरल एंट्री के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 10वीं के बाद तीन साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स पूरा किया हो। इसके अलावा, संबंधित विषय में बीएससी डिग्री प्राप्त छात्र भी इसके लिए पात्र होते हैं। अधिकतर संस्थानों में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य होते हैं, हालांकि आरक्षित वर्ग के छात्रों को नियमानुसार छूट दी जाती है।
कैसे होता है एडमिशन?
देश के अधिकांश विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान लेटरल एंट्री के लिए अलग से कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करते हैं। कुछ राज्यों में यह परीक्षा राज्य स्तरीय तकनीकी विश्वविद्यालयों द्वारा ली जाती है, जबकि कई निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय अपने स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित करते हैं।
हालांकि Joint Entrance Examination Main (JEE Main) मुख्य रूप से बीटेक के पहले वर्ष में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है, लेकिन कई बड़े संस्थान लेटरल एंट्री के लिए अलग प्रक्रिया अपनाते हैं।
डिप्लोमा के बाद बीटेक क्यों जरूरी?
डिप्लोमा कोर्स छात्रों को तकनीकी ज्ञान और शुरुआती स्तर की नौकरी दिलाने में मदद करता है। लेकिन कई बड़ी कंपनियों और उच्च पदों के लिए बीटेक डिग्री अनिवार्य मानी जाती है। डिग्री होने से प्रमोशन, बेहतर सैलरी और उच्च पदों पर पहुंचने के अवसर बढ़ जाते हैं।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास मजबूत तकनीकी आधार के साथ डिग्री भी हो। ऐसे में लेटरल एंट्री उन छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है जो कम समय में अपनी योग्यता को और मजबूत बनाना चाहते हैं।