GOPALGANJ: बिहार की राजनीति से जुड़ा चर्चित वायरल हथियार प्रदर्शन मामला अब और गंभीर हो गया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज केस में गोपालगंज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हथियारों की अब एफएसएल और बैलेस्टिक जांच कराई जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बीते 2 और 3 मई को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन वीडियो में कई लोगों के हाथों में हथियार दिखाई दे रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरगंज थाना में मोकामा विधायक अनंत सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को आशंका है कि वीडियो में दिख रहे कुछ हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हो सकते हैं। इसी को देखते हुए वायरल वीडियो और हथियारों की वैज्ञानिक जांच कराने का फैसला लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की एफएसएल और बैलेस्टिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिख रहे हथियार असली हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं। गोपालगंज पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले के हर पहलू की गहन जांच में जुटी हुई है। वायरल वीडियो को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। अब सभी की नजर एफएसएल और बैलेस्टिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि जांच के बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि 'हर्ष फायरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध (Section 25(9) Arms Act)' - आर्म्स एक्ट में हुए नए संशोधनों के तहत किसी भी सार्वजनिक समारोह, शादी, या धार्मिक स्थल पर खुशी में गोली चलाना (Celebratory Gunfire) एक संज्ञेय अपराध है। इसके लिए 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
'शराब पीकर हथियार ले जाना गैरकानूनी (Rule 32 (3))' - शराब या किसी भी प्रकार के नशे की हालत में हथियार साथ रखना पूर्णतः प्रतिबंधित है। किसी पार्टी या फंक्शन में यदि कोई व्यक्ति हथियार के साथ नशे की हालत में पाया गया, तो उसकी उसी वक्त गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। वही 'एक जिले से दूसरे जिले में हथियारों का आवागमन (Inter & District Movement) अनुज्ञप्ति की भौगोलिक वैधता (Area Validity) का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
आयुध नियमों (नियम 17 आदि) के आलोक में, यदि कोई अनुज्ञप्तिधारी अपने हथियार के साथ एक जिले से दूसरे जिले में जाता है या वहां निवास करता है, तो उसे संबंधित जिला दंडाधिकारी (DM) / लाइसेंसिंग अथॉरिटी को सूचित करना और उनके नियमों का पालन करना अनिवार्य है। दूसरे जिले का लाइसेंस लेकर बिना वैध अधिकार क्षेत्र या पूर्व सूचना के घूमना अवैध माना जाएगा।
उपरोक्त में से किसी भी नियम या शर्त का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए धारा 17 (3) के तहत जिलाधिकारी (DM) को रिपोर्ट भेजकर संबंधित अनुज्ञप्तिधारी का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Cancel) करवा दिया जाएगा।
'मीरगंज (सेमराव) कांड के संदर्भ में सख्त चेतावनीः' हाल ही में मीरगंज थाना अंतर्गत ग्राम सेमराव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो प्रकाश में आया था, जिसमें उपस्थित व्यक्तियों द्वारा लाइसेंसी/अवैध हथियारों को बिना किसी 'कैरी-कवर' के खुलेआम सार्वजनिक स्थान पर ले जाया गया और हवा में लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया गया। यह कृत्य आयुध नियमों का सीधा और स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके आलोक में मीरगंज थाना में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
उक्त वायरल वीडियो में प्रदर्शित एक प्रतिबंधित हथियार होने का भी गहरा संदेह है। पुलिस द्वारा इस संदिग्ध हथियार और वायरल वीडियो की सत्यता की वैज्ञानिक और बैलिस्टिक जांच (Ballistic Examination) हेतु इसे 'विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL)' भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट