PATNA: गोल एजुकेशन विलेज परिसर में मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए “HOW TO CRACK NEET” विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक सेमिनार का आयोजन किया गया। NEET-UG परीक्षा में अब 25 दिनों से भी कम समय शेष रहने के मद्देनज़र इस विशेष सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतिम चरण की तैयारी के लिए सटीक दिशा, प्रभावी रणनीति एवं आत्मविश्वास प्रदान करना था। इस अवसर पर गोल विलेज में नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों के अनुभव से लाभान्वित हुए।


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गोल इंस्टीट्यूट के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह, सहायक निदेशक श्री रंजय सिंह तथा आर.एंड.डी. हेड श्री आनंद वत्स उपस्थित रहे। संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “अब समय स्मार्ट वर्क और सही रणनीति का है। सीमित समय में अधिकतम परिणाम प्राप्त करने के लिए एकाग्रता और लक्षित तैयारी अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने हालिया परीक्षा पैटर्न एवं प्रवृत्तियों का विश्लेषण करते हुए विद्यार्थियों को अंतिम दिनों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें NCERT पुस्तकों पर मजबूत पकड़ बनाना, नियमित मॉक टेस्ट देना, समय प्रबंधन एवं प्रश्न हल करने की गति बढ़ाना, कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देना, प्रभावी रिवीजन रणनीति अपनाना तथा पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन विश्लेषण शामिल था। साथ ही उन्होंने संतुलित दिनचर्या एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।


सहायक निदेशक श्री रंजय सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “अंतिम दिनों में घबराने के बजाय स्थिर रहकर योजनाबद्ध तैयारी ही सफलता की कुंजी है। अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी। इसके पश्चात आर.एंड.डी. हेड श्री आनंद वत्स ने वैज्ञानिक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन पद्धति पर जोर देते हुए कहा, “Concept clarity, regular revision और error analysis ही अंतिम दिनों में स्कोर को अधिकतम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।” उन्होंने विद्यार्थियों को स्मार्ट रिवीजन तकनीक, टेस्ट एनालिसिस और प्रदर्शन सुधार की रणनीतियों को विस्तार से समझाया।


इस अवसर पर गोल के पूर्व सफल छात्र, जो वर्तमान में AIIMS पटना में अध्ययनरत हैं—नफीसा, बुशरा, आर्यन एवं राहुल—ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने तैयारी के दौरान अपनाई गई रणनीतियों के साथ-साथ अंतिम 20 दिनों की तैयारी एवं परीक्षा दिवस की रणनीति पर भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सेमिनार के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा तथा अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिली। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से अंतिम महीने की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस समय केवल रिवीजन पर फोकस करना चाहिए, नए टॉपिक शुरू करने से बचना चाहिए। प्रतिदिन फुल सिलेबस मॉक टेस्ट देकर उसका गहन विश्लेषण करना चाहिए तथा कमजोर टॉपिक्स को चिन्हित कर उन्हें मजबूत बनाना आवश्यक है। विशेषकर बायोलॉजी में NCERT पर गहन पकड़ सफलता की कुंजी है। इसके साथ ही समय प्रबंधन एवं मानसिक संतुलन बनाए रखना भी अत्यंत आवश्यक बताया गया। यह सेमिनार विद्यार्थियों के लिए न केवल मार्गदर्शक साबित हुआ, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा से भी परिपूर्ण कर गया।