GD Goenka School Purnea: पूर्णिया के जी. डी. गोयनका स्कूल में 1 से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme-CBP) का सफल समापन हो गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, आधुनिक शिक्षाशास्त्र और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से परिचित कर उनकी पेशेवर दक्षता को और मजबूत बनाना था.


कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पुलोमा नंदी के स्वागत संबोधन से हुआ. उन्होंने शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए Neuroscience Driven Teaching विषय पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के अनुरूप प्रभावी शिक्षण विधियों और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी.


कार्यक्रम के दूसरे और तीसरे दिन प्रशिक्षण सत्रों का संचालन सीबीएसई मास्टर ट्रेनर सुश्री अनुभा मंत्री ने किया. उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, प्रभावी कक्षा प्रबंधन, आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली, आलोचनात्मक चिंतन, जीवन कौशल और बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया.


अंतिम दिन “Finding Learning Gaps with Strategic Teaching Pedagogy” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया. इसमें विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए रणनीतिक शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की गई.


तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में शिक्षकों ने समूह गतिविधियों, संवादात्मक सत्रों और विभिन्न शैक्षणिक अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी की. समापन अवसर पर सुश्री अनुभा मंत्री ने जी. डी. गोयनका स्कूल, पूर्णिया की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित वातावरण, आधुनिक अधोसंरचना, सुव्यवस्थित प्रबंधन और शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लगातार अपडेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


विद्यालय प्रशासन ने भी विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण का लाभ शिक्षकों को अपनी कक्षा में नई और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने में मिलेगा. साथ ही इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और परिणामोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी.