BPSC TRE 4 Exam Date: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी TRE-4 को लेकर परीक्षा का प्रारूप और आवेदन से जुड़ी तारीखों की जानकारी जारी कर दी है. आयोग के अनुसार TRE-4 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी. परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित होने की संभावना है. परीक्षा की विस्तृत तारीख अक्टूबर में जारी किए जाने की उम्मीद है.


TRE-4 के जरिए 34,274 शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित होगी. पहले प्रारंभिक परीक्षा (PT) और इसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains) होगी. दोनों चरणों में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे.


पांच लाख से कम आवेदन आए तो तीन चरणों में परीक्षा

BPSC के अधिकारियों के अनुसार TRE-4 में पांच लाख से कम आवेदन आने पर परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाएगी. कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 के अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग परीक्षा तिथि निर्धारित की जाएगी.


वहीं, अगर आवेदनों की संख्या पांच लाख से अधिक होती है तो परीक्षा छह चरणों में आयोजित की जाएगी. आयोग ने परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी रखा है.


सभी वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग

परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि निगेटिव मार्किंग सिर्फ TRE-4 तक सीमित नहीं है. आयोग की वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है. इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को बिना जानकारी के अनुमान के आधार पर उत्तर देने से रोकना है.


उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के अंकों को लेकर उठ रहे सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि BPSC के पास अभ्यर्थियों के परीक्षा माध्यम से जुड़ा ऐसा कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को कम और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों को अधिक अंक मिले हैं.


डोमिसाइल पर सरकार करेगी फैसला

TRE-4 में डोमिसाइल नीति को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि बिहार में डोमिसाइल लागू करना है या नहीं, इसका निर्णय सरकार को लेना है. आयोग इस मामले में निर्णय नहीं कर सकता.


उन्होंने बताया कि BPSC की परीक्षाओं में लगभग 72 प्रतिशत अभ्यर्थी बिहार से होते हैं. उन्होंने एक वर्ष पहले आयोजित असिस्टेंट इंजीनियर परीक्षा का भी जिक्र किया. इस परीक्षा से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है. कोर्ट से मामले का निष्पादन होने के बाद उसका परिणाम जारी किया जाएगा.


प्रेसवार्ता में कही गई लोकोक्ति पर परीक्षा नियंत्रक ने जताया खेद

प्रेसवार्ता के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने एक सवाल के जवाब में एक लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई.


बाद में परीक्षा नियंत्रक ने वीडियो जारी कर कहा कि प्रेसवार्ता में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जवाब देते समय उन्होंने एक लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था, जिसे सोशल मीडिया पर दूसरे संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनका किसी व्यक्ति या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने किसी की भावनाएं आहत होने पर खेद जताया.