BPSC 70th Result: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने लंबे इंतजार के बाद 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि यह BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक रही, जिसमें कुल 2027 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति SDM, DSP, राज्य कर अधिकारी, कर अधीक्षक समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों पर की जाएगी। 593 अंक के साथ श्रद्धा पांडेय फर्स्ट टॉपर बनीं हैं जबकि 592 अंक हासिल कर शशांक गौरव सेकेड टॉपर और 592 अंकों के साथ आयुष बिजॉय थर्ड टॉपर बने हैं।
रिजल्ट जारी करते हुए BPSC अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा को लेकर तीन महीने तक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन जांच में कहीं भी पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित किया और बाहर से आंदोलनकारियों को बुलाकर माहौल बनाने की कोशिश की थी।
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई थी। इसके बाद अप्रैल 2025 में मुख्य परीक्षा (मेन्स) हुई, जबकि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अब अंतिम परिणाम जारी किया गया है।
BPSC 70वीं परीक्षा भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई विवादों और आंदोलनों का केंद्र बनी रही। नॉर्मलाइजेशन को लेकर छात्रों का विरोध, बापू परीक्षा परिसर में हंगामा, जिलाधिकारी पर थप्पड़ मारने का आरोप, दो महीने तक चला छात्र आंदोलन, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का अनशन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एंट्री जैसे घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में रहे।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान आयोग ने कई चरणों में पदों की संख्या बढ़ाई। शुरुआत में 18 सितंबर 2024 को 1,929 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 23 सितंबर को 1,957 पदों का विज्ञापन जारी हुआ। बाद में रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर 1,964, फिर 2,031 और अंततः 2,035 कर दी गई।
आयोग ने परीक्षा की संभावित तिथियों में भी कई बार संशोधन किया। पहले 30 सितंबर 2024, फिर 17 नवंबर और बाद में 13-14 दिसंबर की तारीख प्रस्तावित की गई। अंततः आयोग ने 13 दिसंबर 2024 को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया।
परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन प्रणाली को लेकर छात्रों का विरोध शुरू हो गया था। 6 दिसंबर 2024 को हजारों अभ्यर्थियों ने BPSC कार्यालय के बाहर लगभग 12 घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने के बावजूद प्रदर्शन खत्म नहीं होने पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे।
छात्रों के समर्थन में शिक्षक खान सर और गुरु रहमान भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ आंदोलन में शामिल हुए थे। दोनों ने गर्दनीबाग में छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर खान सर को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
13 दिसंबर 2024 को राज्यभर के 912 परीक्षा केंद्रों पर BPSC 70वीं पीटी परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद आयोग ने केवल उसी केंद्र की परीक्षा रद्द की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि यदि गड़बड़ी हुई है तो पूरे राज्य की परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया था।