Bihar News: अगर आप बिहार के शिक्षित बेरोजगार युवा हैं और नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार सरकार युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना चला रही है। इस योजना के तहत युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षण और इंटर्नशिप का मौका ही नहीं मिलता, बल्कि हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाती है।


इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल स्किल और कार्यस्थल का वास्तविक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार हासिल कर सकें। योजना के तहत 18 से 28 वर्ष तक के युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार इंटर्नशिप करने का अवसर दिया जाता है।


मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना का लाभ 12वीं पास, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं को दिया जाता है। इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है, जिससे उनकी पेशेवर क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में बढ़ोतरी होती है। सरकार का मानना है कि यह योजना युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


योजना के तहत 12वीं पास युवाओं को हर महीने 4,000 रुपये स्टाइपेंड दिया जाता है। वहीं आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं को 6,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।


इसके अलावा सरकार ने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त लाभ की भी व्यवस्था की है। यदि कोई युवा अपने गृह जिले से बाहर लेकिन बिहार के भीतर इंटर्नशिप करता है, तो उसे शुरुआती तीन महीनों तक 2,000 रुपये अतिरिक्त प्रतिमाह दिए जाते हैं। वहीं बिहार से बाहर इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को पूरी इंटर्नशिप अवधि के दौरान 5,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है।


इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक युवा मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड के अनुसार नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होती है। आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई गई है ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ उठा सकें।


योजना को सफल बनाने के लिए बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकार का लक्ष्य इस अवधि में कम से कम एक लाख युवाओं को इंटर्नशिप और कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ना है। इसके लिए राज्य के सभी जिलों को अलग-अलग लक्ष्य भी दिए गए हैं, ताकि योजना का लाभ हर क्षेत्र के युवाओं तक पहुंच सके।