Bihar Crime News: बिहार के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 1 नवंबर से मध्याह्न भोजन योजना के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर पूरे राज्य में मिड डे मील योजना स्थगित करने की चेतावनी दी है. संघ का कहना है कि पिछले 5-6 महीने से विद्यालयों को मध्याह्न भोजन मद की राशि नहीं मिली है. इसके बावजूद शिक्षक अपनी जेब से पैसे खर्च कर बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं.


अब शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके लिए अपनी जेब से खर्च कर योजना चलाना मुश्किल हो गया है. इसी को लेकर संघ ने शिक्षा विभाग को लिखित सूचना देकर बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है.


शिक्षा विभाग को दिया एक सप्ताह का समय

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है. संघ ने मांग की है कि इस अवधि के भीतर सभी विद्यालयों को बकाया राशि का भुगतान किया जाए. साथ ही आगे मध्याह्न भोजन योजना के नियमित संचालन के लिए पर्याप्त राशि का आवंटन भी सुनिश्चित किया जाए.


संघ ने साफ कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो 1 नवंबर 2026 से पूरे बिहार में मध्याह्न भोजन योजना स्थगित कर दी जाएगी. संघ ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है.


शिक्षक संघ के मुताबिक, बकाया राशि के भुगतान को लेकर पहले भी शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया था. संघ ने पत्रांक 150, दिनांक 1 अक्टूबर 2026 के माध्यम से निदेशक, मध्याह्न भोजन को पत्र लिखकर राशि जारी करने की मांग की थी. संघ का कहना है कि इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.


बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जयराम शर्मा ने कहा कि शिक्षक पिछले 5-6 महीने से अपनी जेब से पैसे खर्च कर बच्चों को भोजन करा रहे हैं. अब आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि शिक्षक लगातार अपने स्तर से इसका खर्च उठाते रहें. सरकार राशि उपलब्ध नहीं कराती है तो योजना का संचालन रोकना पड़ेगा.


वहीं संघ के महासचिव दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग को पहले ही लिखित रूप से समस्या की जानकारी दी जा चुकी है. इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ. विभाग को अब एक सप्ताह का समय दिया गया है. इस दौरान राशि का भुगतान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा.


मध्याह्न भोजन योजना के बंद होने की स्थिति में राज्य के लाखों स्कूली बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. खासकर गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में अगर 1 नवंबर से योजना स्थगित होती है तो बच्चों को स्कूल में मिलने वाला भोजन नहीं मिल पाएगा.