Bihar Job Update: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग में करीब 11 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है. इसके लिए नवंबर में अलग-अलग पदों के विज्ञापन जारी किए जाएंगे. यह नियुक्तियां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से की जाएंगी.


नई बहाली में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) समेत कई अन्य पद शामिल हैं. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इसकी जानकारी दी.


CHO के 5000 और स्टाफ नर्स के 3954 पदों पर बहाली

राज्य स्वास्थ्य समिति के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित 11 हजार पदों में सबसे अधिक नियुक्तियां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर होंगी. इसके अलावा स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की भी बड़ी संख्या में भर्ती की जाएगी.


पदों के अनुसार प्रस्तावित वैकेंसी का विवरण इस प्रकार है.

  1.  सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) - 5000 पद
  2.  स्टाफ नर्स - 3954 पद
  3.  लैब टेक्नीशियन - 1000 पद
  4.  अन्य पद - शेष रिक्तियां


इन पदों पर भर्ती के लिए नवंबर में अलग-अलग विज्ञापन जारी किए जाएंगे. विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन, शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी.


अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी दूर करने की तैयारी

राज्य के जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी बनी हुई है. इसका असर मरीजों के इलाज, जांच और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है.


कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा नर्सों और तकनीशियनों पर भी काम का अतिरिक्त दबाव है. वहीं, लैब टेक्नीशियन की कमी से मरीजों की जरूरी जांच और रिपोर्ट मिलने में देरी होती है. नई बहाली के जरिए इन कमियों को दूर करने की तैयारी की जा रही है.


मेडिकल कॉलेजों में ट्रॉमा सेंटर विकसित करने का निर्देश

इधर, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी ने सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया.