Bihar DElEd News: बिहार में डीएलएड नामांकन को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आरक्षण और पात्रता से जुड़ी गाइडलाइन जारी कर दी है. इसके तहत ईडब्ल्यूएस को छोड़कर अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अर्हता अंक में पांच फीसदी की छूट दी जाएगी. राज्य के सभी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को बोर्ड के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.


डीएलएड नामांकन के लिए पहली मेरिट लिस्ट 20 अगस्त को जारी की जाएगी. अभ्यर्थियों को संस्थान और पाठ्यक्रम से संबंधित विकल्प देने का मौका 16 अगस्त तक दिया गया है. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को भी डीएलएड नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया गया है, लेकिन इसके लिए इंटर परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य होगा. इंटर में 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी पास होने के बावजूद डीएलएड में नामांकन नहीं ले सकेंगे.


बिहार के सभी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में कुल सीटों में 50 फीसदी सीटें विज्ञान संकाय के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी. बाकी 50 फीसदी सीटों पर कला और वाणिज्य संकाय के अभ्यर्थियों का नामांकन होगा.


इसके अलावा 10+2 में वोकेशनल कोर्स के तहत योग्यता हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी डीएलएड में नामांकन के लिए पात्र होंगे. मध्यमा के बाद इंटर, 10+2 या फौकानिया के बाद इंटर, 10+2 की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को भी नामांकन का अवसर मिलेगा.


वहीं शास्त्री, पॉलिटेक्निक, आईटीआई या इसी तरह की अन्य योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी डीएलएड कोर्स में नामांकन के पात्र नहीं होंगे.


डीएलएड नामांकन में उर्दू विषय के अभ्यर्थियों के लिए 10 फीसदी स्थान आरक्षित रहेगा. यह आरक्षण क्षैतिज आरक्षण के रूप में लागू होगा. इसका लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिन्होंने इंटरमीडिएट यानी +2 स्तर की परीक्षा उर्दू विषय के साथ उत्तीर्ण की है.


बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने निजी प्रशिक्षण संस्थानों में डीएलएड की फीस को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. दो वर्षीय डीएलएड कोर्स के लिए प्रति छात्र अधिकतम 60 हजार रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है. यानी पूरे दो साल के कोर्स के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये शुल्क लिया जा सकता है.


निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क लेने वाले निजी प्रशिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेरिट लिस्ट में जिस संस्थान का आवंटन अभ्यर्थी को किया जाएगा, उसे उसी संस्थान में नामांकन लेना होगा. सरकारी संस्थान आवंटित होने वाले अभ्यर्थी किसी भी स्थिति में निजी संस्थान में नामांकन नहीं ले सकेंगे.


इधर, दो वर्षीय बीएड में नामांकन के लिए छठे चरण की काउंसिलिंग की घोषणा भी की गई है. राज्य नोडल अधिकारी प्रो. संजय कुमार के अनुसार, छठे चरण में करीब 4,800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है. सूची में शामिल अभ्यर्थी 18 अगस्त तक अपने आवंटित कॉलेज में नामांकन करा सकेंगे.


छठे चरण में खाली सीटों के आधार पर अभ्यर्थियों को नामांकन का अवसर दिया गया है. इसके साथ ही पहले, दूसरे और तीसरे चरण में कॉलेज आवंटित होने के बावजूद नामांकन नहीं लेने वाले अभ्यर्थियों को भी दोबारा प्रक्रिया में शामिल किया गया है. अगर इस चरण के बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो आगे भी काउंसिलिंग कराई जाएगी.


बीएड में नामांकन के लिए अभ्यर्थियों को CET-BEd 2026 का एडमिट कार्ड, स्कोर कार्ड या रैंक कार्ड, आवंटन पत्र, आवेदन पत्र की प्रति, आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र, स्नातक की अंकतालिका और प्रमाण-पत्र, इंटर की अंकतालिका और प्रमाण-पत्र, मैट्रिक की अंकतालिका और प्रमाण-पत्र साथ ले जाना होगा.


इसके अलावा लागू होने पर जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, EWS प्रमाण-पत्र और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के साथ पासपोर्ट साइज फोटो तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रति और आवश्यक छायाप्रति भी जमा करनी होगी.


आवंटित कॉलेज में सीट कन्फर्म करने के लिए अभ्यर्थियों को 3,000 रुपये जमा करने होंगे. यह राशि बाद में नामांकन शुल्क में समायोजित की जाएगी. अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन पूरा करने की सलाह दी गई है.