Bihar Teacher Vacancy 2026: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. राज्य सरकार जल्द ही कॉलेजों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति करने जा रही है. इसके तहत करीब 26 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का है.
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है. रिक्त पदों की पहचान कर ली गई है और अब बहाली प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
इस भर्ती अभियान के तहत सबसे पहले राज्य के 13 विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में करीब 6,600 व्याख्याताओं की नियुक्ति की जाएगी. वहीं 11 हजार से अधिक गैर शैक्षणिक कर्मियों के पद भी भरे जाएंगे. इसके अलावा राज्य के 211 प्रखंडों में स्थापित किए जा रहे नए डिग्री कॉलेजों में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां होंगी.
नए खुलने वाले डिग्री कॉलेजों में कुल 9,284 पदों पर बहाली की जाएगी. इनमें 6,752 शिक्षकों और 2,532 गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति शामिल है. राज्य सरकार पहले ही इन पदों के सृजन को मंजूरी दे चुकी है.
वर्तमान समय में राज्य के कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी है. आंकड़ों के मुताबिक कॉलेज शिक्षकों के कुल 12,411 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 5,800 पदों पर ही लोग कार्यरत हैं. करीब 6,611 पद खाली पड़े हुए हैं.
इसी तरह गैर शैक्षणिक कर्मियों के कुल 16,557 स्वीकृत पदों में से केवल 5,583 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 10,974 पद अभी भी रिक्त हैं. लंबे समय से बहाली नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
शिक्षकों की कमी का असर सीधे पढ़ाई पर पड़ रहा है. कई कॉलेजों में नियमित कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं. समय पर कोर्स पूरा नहीं होने से शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित हो रहा है. कई जगहों पर सत्र एक साल से ज्यादा पीछे चल रहा है.
इसका सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है. परीक्षा समय पर नहीं होने के कारण रिजल्ट में देरी होती है. इससे छात्रों को उच्च शिक्षा में दाखिला लेने और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने में भी परेशानी होती है.
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों के बाद कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर होगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी. साथ ही नए डिग्री कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा.
उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निर्बाध पढ़ाई सुनिश्चित करना है. रिक्त पदों को भरने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलेंगे.