देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) से जुड़े ग्राहकों के लिए मई महीने के अंत में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल और पहले से तय अवकाश को मिलाकर ऐसी स्थिति बन रही है कि बैंक शाखाओं में लगातार चार दिनों तक कामकाज ठप रह सकता है। इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
दरअसल, बैंक कर्मचारियों के संगठन All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके ठीक पहले 23 मई को चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार पड़ रहा है, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर लगातार चार दिन का असर पड़ने की संभावना है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो हड़ताल आगे भी खिंच सकती है।
इस संभावित बंदी को लेकर बैंकिंग सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी, बढ़ता काम का दबाव, पेंशन से जुड़े मुद्दे और आउटसोर्सिंग जैसे कई मामलों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है। उनका आरोप है कि पर्याप्त संख्या में भर्तियां नहीं होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
अगर यह हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो बैंक शाखाओं में होने वाले ज्यादातर काम प्रभावित होंगे। कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट और लोन से जुड़े कामों में रुकावट आ सकती है। खासकर ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के ग्राहक, जो अब भी शाखाओं पर निर्भर हैं, उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग चालू रहने की उम्मीद है, लेकिन अचानक बढ़े उपयोग के कारण इन सेवाओं पर भी दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में तकनीकी दिक्कतों से इंकार नहीं किया जा सकता।
बैंकिंग सेवाओं में संभावित रुकावट को देखते हुए ग्राहकों के बीच चिंता का माहौल है। कई लोग अपने जरूरी काम समय से पहले निपटाने में जुट गए हैं, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। व्यापारियों का कहना है कि लगातार चार दिन बैंक बंद रहने से लेन-देन प्रभावित होगा, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।