Bihar News: रेरा बिहार ने एक बिल्डर पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रोजेक्ट का बिना निबंधन कराए, प्रचार प्रसार करने पर कंपनी के खिलाफ 75 लाख का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है. न सिर्फ जुर्माना बल्कि बिल्डर के उक्त प्रोजेक्ट की प्रोपर्टी के निबंधन पर रोक के साथ-साथ म्यूटेशन पर भी रोक लगा दी गई है. रेरा अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह की बेंच ने यह आदेश जारी किया है.  

Sri Vishnu Buildcon  का फर्जीवाड़ा उजागर 

रेरा बिहार ने गयाजी की कंपनी M/s Sri Vishnu Buildcon के Project: Vishnu Vihar पर बड़ा एक्शन लिया है. बिल्डर इस प्रोजेक्ट का निबंधन लिए बिना बिक्री के लिए प्रचार-प्रसार कर ग्राहकों को ठग रहा था. शिकायत के बाद रेरा ने संज्ञान लिया और 2025 में केस की शुरूआत की गई. 

बिना निबंधन कर रहा था प्रचार-प्रसार 

रेरा के 24 जून 2026 के आदेश में कहा गया है कि नोटिस और कार्यवाही एक विज्ञापन के आधार पर शुरू की गई थी, जो विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रसारित किया गया था. जिससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि अचल संपत्ति (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए, बिल्डर ने  इस परियोजना को विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रचारित कर संभावित खरीदारों को आमंत्रित किया है। उक्त विज्ञापित परियोजना का पंजीकरण प्राप्त किए बिना किया गया, जबकि प्रोजेक्ट के निबंधन के बाद ही प्रचार-प्रसार करना है. 

संबंधित वैधानिक प्रावधानों का सरसरी तौर पर अध्ययन करने और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को पढ़ने से यह स्पष्ट रूप से स्थापित होता है कि प्रमोटर ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की अनिवार्य आवश्यकताओं का उल्लंघन किया है.

75 लाख का ठोका जुर्माना 

ऐसे में रेरा ने बिल्डर के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया है.रेरा के टेक्निकल विंग ने M/s Sri Vishnu Buildcon के Project: Vishnu Vihar  का वैल्यू लगभग 30 करोड़ रू का लगाया. इस आधार पर रेरा बेंच ने कंपनी के खिलाफ 75 लाख रू का जुर्माना लगाया. बेंच ने बिल्डर को आदेस दिया है कि आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि 75 लाख रू जमा करना होगा. इस निर्देश का पालन न करने पर अचल संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 59(2) के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रोजेक्ट की जमीन-फ्लैट निबंधन पर रोक 

रेरा पीठ ने अपने कार्यालय को बिहार के आईजी (पंजीकरण) को पत्र जारी करने का निर्देश दिया है,ताकि सभी संबंधित डीएसआर/उप-पंजीयकों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकें, कि उक्त परियोजना “विष्णु विहार” से संबंधित किसी भी इकाई (फ्लैट/दुकान/उसके भाग) की बिक्री विलेख के निष्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये. 

नगर निगम भी करे कार्रवाई 

रेरा अध्यक्ष ने सचिव को निर्देश दिया कि वे इस आदेश के साथ संबंधित नगर निगम/सक्षम प्राधिकारी को पत्र भेजकर यह सत्यापित करें कि क्या प्रतिवादी ने परियोजना के लिए भवन मानचित्र/योजना की स्वीकृति प्राप्त कर ली है। यदि यह पाया जाता है कि ऐसी कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई है, तो संबंधित नगर निगम/सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुसार प्रमोटर के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

सीओ को म्यूटेशन नहीं करने का आदेश 

पीठ ने संबंधित अंचल के सर्किल अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे प्रतिवादी कंपनी और उसके निदेशकों द्वारा उक्त परियोजना से संबंधित किसी भी भूमि का परिवर्तन न करें। प्राधिकरण ने प्रतिवादियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे उपरोक्त परियोजनाओं के सभी विज्ञापनों को पखवाड़े के भीतर सभी माध्यमों से हटा दें।