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16-Oct-2025 12:29 PM
By First Bihar
Same Day Cheque Clearing: RBI की नई गाइडलाइन के अनुसार, अब अगर आप चेक बैंक काउंटर पर जमा करते हैं, तो वह सिर्फ 3 घंटे में क्लियर हो जाएगा। जानें कब से लागू होगा नया नियम ...
अब चेक क्लियरिंग के नियम हुए सख्त
3 जनवरी 2026 से नया नियम लागू होगा। अगर कोई ग्राहक बैंक काउंटर पर चेक जमा करता है, तो वह चेक उस बैंक (जिसके खाते से पैसे कटने हैं) को भेज दिया जाएगा। अब उस बैंक को तय समय के अंदर जवाब देना होगा कि चेक पास हुआ है या नहीं।
उदाहरण: अगर आपने सुबह 11 से दोपहर 12 बजे के बीच चेक जमा किया है, तो बैंक को अधिकतम दोपहर 3 बजे तक बताना होगा कि चेक पास किया गया है या रिजेक्ट (जैसे साइन गलत, तारीख गलत, या अकाउंट नंबर में गलती)।
अगर बैंक समय पर जवाब नहीं देता, तो चेक को अपने-आप पास मान लिया जाएगा और पैसे का सेटलमेंट शुरू हो जाएगा।
दो चरणों में क्या फर्क है?
पहला चरण (अब लागू):
सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चेक क्लीयरिंग के लिए भेजे जाते हैं।
बैंकों को शाम 7 बजे तक बताना होता है कि चेक पास हुआ या नहीं।
दूसरा चरण (3 जनवरी 2026 से):
चेक जमा करने के 3 घंटे के अंदर बैंक को जवाब देना होगा।
समय पर जवाब नहीं मिलने पर, चेक को ऑटोमैटिक पास मान लिया जाएगा।
चेक क्लियरिंग कैसे होती है?
चेक सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच जमा होता है।
बैंक उसे स्कैन करके डिजिटल रूप से क्लीयरिंग हाउस को भेज देता है।
वहां से वह चेक उस बैंक को जाता है जिससे पैसा कटना है।
अगर वह बैंक तय समय में कोई जवाब नहीं देता, तो चेक को सही मानकर सेटलमेंट शुरू हो जाता है।
सेटलमेंट के एक घंटे बाद पैसे खाते में आ जाते हैं।
दोनों चरणों में क्या है अंतर?
अभी पहले चरण के तहत, चार अक्टूब से सुबह के दस बजे से लेकर शाम के चार बजे तक चेक लगातार क्लीयरिंग हाउस भेजे जा रहे हैं. बैंकों को शाम के सात बजे तक चेक पास होने या रिटर्न होने की पुष्टि करनी होती है. दूसरे चरण में नियम और भी सख्त हो जाएंगे, जिसमें चेक जमा होने के तीन घंटे के बाद बैंक को कन्फर्म करना होगा. उदाहरण के लिए, यदि कोई ग्राहक सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच चेक जमा करता है तो अधिकतम 3 बजे तक बैंक को बताना होगा कि वह चेक पास हुआ है या नहीं. यदि बैंक समय पर जानकारी नहीं देता, तो नियम के अनुसार चेक को स्वतः पास मान लिया जाएगा और उसका सेटलमेंट कर दिया जाएगा.
कैसे क्लीयर होता है चेक?
आमतौर पर सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच चेक बैंक में जमा किया जाता है.
बैंक उसे स्कैन करने के बाद डिजिटली क्लीयरिंग हाउस को आगे भेज देता है.
अब Drawee Bank या भुगतानकर्ता बैंक को क्लीयरिंग हाउस से मिले चेक को पास या फेल कराना होता है.
बैंक के समयसीमा के भीतर जवाब नहीं देने से चेक को वैलिड मानकर उसके सेटलमेंट का प्रॉसेस शुरू हो जाता है.
सेटलमेंट के एक घंटे बाद अकाउंट में पैसे क्रेडिट कर दिए जाते हैं.