RBI Draft Rules: देशभर में Loan Recovery के नाम पर ग्राहकों को परेशान करने की बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। अब बैंक और NBFC के Recovery Agents मनमानी नहीं कर सकेंगे। ग्राहकों को धमकाना, गाली-गलौज करना, बार-बार फोन कर मानसिक दबाव बनाना या घर पहुंचकर बदसलूकी करना अब भारी पड़ सकता है। RBI ने इसको लेकर नया Draft Rule जारी किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि ग्राहकों के साथ किसी भी तरह की बदतमीजी या दबाव बनाने वाली हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी कई शिकायतें सामने आई थीं, जहां Loan Recovery Agents ने लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया। कई मामलों में ग्राहकों को धमकी देने, सोशल मीडिया पर बदनाम करने और यहां तक कि मारपीट करने के आरोप भी लगे। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए RBI ने सख्त नियमों का Draft तैयार किया है, जिसे 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जा सकता है।
धमकी और मानसिक प्रताड़ना पर लगेगी रोक
RBI ने अपने Draft में साफ किया है कि कोई भी Recovery Agent अब ग्राहक, उसके परिवार, रिश्तेदार या गारंटर को मानसिक या शारीरिक रूप से परेशान नहीं कर सकेगा। गुमनाम नंबरों से बार-बार फोन करना, डराना, अपमानित करना या सोशल मीडिया पर वीडियो और रिकॉर्डिंग डालना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा। RBI ने ऐसी हरकतों को “Harsh Recovery Practices” की श्रेणी में रखा है।
पुलिस Verification के बिना नहीं बन सकेंगे एजेंट
अक्सर देखा जाता था कि बैंक और फाइनेंस कंपनियां किसी भी स्थानीय व्यक्ति को Recovery Agent बनाकर भेज देती थीं। कई बार ऐसे लोग ग्राहकों के साथ गलत व्यवहार करते थे। अब RBI ने साफ कर दिया है कि सभी Recovery Agents का Police Verification जरूरी होगा। जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड होगा, उन्हें इस काम में शामिल नहीं किया जाएगा।
ID Card और Authorization Letter दिखाना होगा जरूरी
नए नियमों के मुताबिक, हर Recovery Agent के पास IIBF का मान्य Certificate होना जरूरी होगा। साथ ही जब भी कोई एजेंट ग्राहक के घर जाएगा, उसे अपना ID Card, बैंक का Authorization Letter और Notice की Copy दिखानी होगी। इतना ही नहीं, ग्राहक के घर जाने से कम से कम एक दिन पहले सूचना देना भी जरूरी होगा।
सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद नहीं कर सकेंगे कॉल
RBI ने ग्राहकों की Privacy को ध्यान में रखते हुए कॉलिंग टाइम भी तय कर दिया है। अब Recovery Agents सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ग्राहकों को फोन नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा शादी-विवाह, बीमारी या घर में शोक जैसे मौकों पर भी वसूली के लिए संपर्क करने पर रोक रहेगी।
अब बैंक नहीं झाड़ पाएंगे पल्ला
कई बार बैंक यह कहकर जिम्मेदारी से बच जाते थे कि गलत व्यवहार थर्ड पार्टी एजेंसी ने किया है। लेकिन RBI ने इस पर भी सख्ती दिखाई है। नए नियमों के मुताबिक, Recovery Agent की हर कार्रवाई के लिए बैंक और NBFC सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। यानी अगर कोई एजेंट बदसलूकी करता है तो उसकी जवाबदेही बैंक की भी होगी।
वेबसाइट पर दिखाने होंगे एजेंट्स के नाम
RBI ने यह भी कहा है कि सभी बैंक और NBFC को अपनी वेबसाइट और Mobile App पर Registered Recovery Agencies की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इससे ग्राहकों को यह पता चल सकेगा कि उनके पास आने वाला व्यक्ति असली एजेंट है या नहीं।
RBI के इस कदम को ग्राहकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। खासकर उन लोगों के लिए जो Loan Recovery के नाम पर मानसिक तनाव झेल रहे थे। नए नियम लागू होने के बाद Recovery Process पहले के मुकाबले ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होने की उम्मीद है।