Bihar Satellite Township: पटना में बनने वाले पाटलिपुत्र सैंटेलाइट टाउनशिप को लेकर नगर एवं आवास विभाग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी से जमीन जबरन नहीं ली जाएगी। यदि आप जमीन रखना चाहते हैं तो रख सकते हैं या फिर बेचना चाहते हैं तो बेच भी सकते हैं। 


लैंड पूलिंग मॉडल के तहत 55% विकसित जमीन वापस दी जाएगी। इस योजना से जमीन की कीमत 10 गुना तक बढ़ने का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में 11 जगहों पर सेटेलाइट टाउनशिप बसाने के लिए जमीन की खरीद बिक्री पर 30 जून 2027 तक रोक लगाई गयी है।


प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि टाउनशिप प्लांड बनने हैं, एक मुख्य आर्थिक गतिविधियां होगी। उस क्षेत्र के लोगों के रोजगार बढ़ेंगे। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि होगी. हम इस यात्रा में किसी को छोड़ नहीं रहे हैं। जिनकी जमीन टाउनशिप में आ रही है, उन्हें भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा। सबसे पहले मैप के साथ प्रारूप प्रकाशित की जाएगी। जिसमें आपत्तियां और सहमति भी मांगते हैं। 


उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि किसान जब अपनी जमीन देंगे तब डेवलप करके 55 फीसदी जमीन वापस देंगे। हर एक प्लाट के साथ सड़क ड्रेनेज सिवरेज और बिजली के कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिये जाएगे। साथ ही डेवलप प्लाट उसका 55 प्रतिशत उन्ही जमीन वाले को लौटाया जाएगा जिनकी जमीन ली जाएगी। हम जब टाउनशिप बसा रहे हैं तब जमीन कीमत कम से कम दस गुणा से ज्यादा होगी। 


प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि यदि आज किसी की जमीन एक लाख रुपये की है तो अधिग्रहण करने पर चार गुणा रेट यानि 4 लाख देंगे। किसी को भी हम भूमिहीन नहीं होने देंगे। किसान को शेयर होल्डर बनाएंगे। हर प्लाट रेगुलर साइज में होगा। जो शहर बसेगा वहां पार्क, प्ले ग्राउंड, कम्युनिटी सेंटर, हॉस्पिटल, स्कूल, पूजा और उपासना के स्थल रहेंगे।  


बिहार सरकार के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट सिटी बसाने का काम हो रहा 11 जिलों में जो सैटेलाइट सिटी बसाने का काम हो रहा है आर्थिक रूप से भी उन जगहों पर रोजगार बढ़े उस योजना के तहत भी काम होगा। क्षेत्र में विकास के लिए किसानों का जितना जमीन लिया जाएगा, पूरे जमीन का 55% हिस्सा किसानों को डेवलप करके दिया जाएगा।


 सरकार जिस जमीन को डेवलप करेगी उस जमीन की कीमत आज के दर से 10 गुना अधिक बढ़ जाएगी। सैटलाइट टाउनशिप में 3% जमीन इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन के लोगों को भी बसने के लिए दी जाएगी। सरकार की योजना में वर्ल्ड बैंक के साथ देश की बड़ी एजेंसी काम कर रही है। सरकार ने जमीन खरीद बिक्री पर रोक लगाई है, ताकि सरकार का टाउनशिप बढ़ाने का योजना है, वह सही तरीके से समय वह पूरा हो सके। इस योजना की शुरुआत को लेकर ड्राफ्ट प्लानिंग अक्टूबर से नवंबर तक हो जाने की संभावना है।