मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा? बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा? फर्स्ट बिहार-झारखंड का आरोग्य एक्सलेंस अवार्ड 2026: डॉक्टरों के सम्मान में सजी गौरवपूर्ण शाम, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी ने किया सम्मानित अब पटना में भी दिखेगी काशी जैसी भव्यता… इन घाटों पर होगी गंगा आरती, जान लीजिए पूरा शेड्यूल बिहार में गैस की ब्लैकमार्केटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में LPG सिलेंडर जब्त बिहार में गैस की ब्लैकमार्केटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में LPG सिलेंडर जब्त Bihar News: नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा...नेताओं में मायूसी, JDU महासचिव बोले- यह निर्णय भीतर तक झकझोर देने वाला है
14-Apr-2020 11:32 AM
DELHI : कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए लॉकडाउन की मियाद बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना को हराने के लिए अब देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर हम धैर्य बनाकर रखेंगे, नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना जैसी महामारी को भी परास्त कर पाएंगे। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। एक रेटिंग एजेंसी के मुताबिक लॉकडाउन के पहले चरण के लॉकडाउन से इंडियन इकोनॉमी को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
लॉकडाउन के दौरान अधिकतर कंपनियां, उद्योग-धंधे बंद रहे, उड़ान सेवाएं निलंबित रहीं और ट्रेनों के पहिए थमे रहे। वहीं, लोगों और वाहनों की आवाजाही भी बंद रही। इस लॉकडाउन की वजह से भारत की 70 फीसदी आर्थिक गतिविधियां थम गईं। एक रेटिंग एजेंसी एक्यूट रेटिंग्स ऐंड रिसर्च लिमिटेड ने इससे पहले अनुमान जताया था कि लॉकडाउन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को हर दिन करीब 35,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इस तरह देखा जाए तो 21 दिन के पूरे लॉकडाउन की अवधि में जीडीपी को 7 से 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
लॉकडाउन के दौरान केवल जरूरी सामान और कृषि, खनन, यूटिलिटी सेवाओं और कुछ वित्तीय एवं आइटी सेवाओं को चलाने की ही इजाजत दी गई थी। भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही सुस्त थी और ऐसे में आई कोरोना महामारी ने इसे बिल्कुल पस्त कर दिया है।तमाम रेटिंग एजेंसियों ने इस वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 1.5 से 2.5 फीसदी के काफी निचले स्तर पर कर दिया है।