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07-Apr-2026 06:31 PM
By First Bihar
देश की अर्थव्यवस्था इस समय वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर से जूझ रही है, ऐसे में कारोबारियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जिसके तहत करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की लोन गारंटी योजना लाई जा सकती है, इस योजना का सीधा फायदा खासकर MSME sector यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलने वाला है, जो इस समय वित्तीय दबाव से गुजर रहे हैं।
क्या है सरकार की नई योजना?
सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित योजना के तहत सरकार बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन पर गारंटी देगी, ताकि अगर किसी कारणवश कारोबारी लोन नहीं चुका पाते हैं, तो बैंकों को नुकसान न हो, इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के लोन पर करीब 90 प्रतिशत तक की गारंटी देने का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बैंकों का भरोसा बढ़ेगा और वे अधिक से अधिक लोन जारी कर सकेंगे।
NCGTC निभाएगी अहम भूमिका
इस पूरी योजना को लागू करने की जिम्मेदारी National Credit Guarantee Trustee Company (NCGTC) के पास होगी, जो सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, यही संस्था बैंकों को गारंटी कवर प्रदान करेगी, ताकि कर्ज देने की प्रक्रिया आसान और सुरक्षित बन सके।
सरकार को करना होगा बड़ा निवेश
इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को करीब 17 हजार से 18 हजार करोड़ रुपये तक का प्रावधान करना पड़ सकता है, यह राशि उस स्थिति में काम आएगी जब किसी लोन में डिफॉल्ट होता है और सरकार को अपनी गारंटी निभानी पड़ती है।
कोविड वाली योजना से मिलेगा आधार
यह नई योजना पूरी तरह नई नहीं है, बल्कि इसका मॉडल काफी हद तक कोविड-19 के दौरान लागू की गई Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECGLS) से प्रेरित बताया जा रहा है, उस समय इस योजना ने लाखों कारोबारियों को डूबने से बचाया था और अर्थव्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी।
उस योजना के तहत बिना ज्यादा औपचारिकताओं के लोन दिए गए थे, ब्याज दर सीमित रखी गई थी और प्रोसेसिंग फीस जैसी अतिरिक्त लागत को खत्म कर दिया गया था, जिससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली थी।
MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहारा
नई गारंटी योजना से उम्मीद की जा रही है कि यह खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों को नया जीवन देगी, क्योंकि ये सेक्टर रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है, ऐसे में इनका मजबूत होना देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
महंगाई से राहत के लिए भी कदम
इसी बीच आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे फैसले भी लिए हैं, जिससे महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने की कोशिश की जा रही है, साथ ही पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर छूट और SEZ इकाइयों को घरेलू क्षेत्र में काम करने की अनुमति जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
ऐसे में सरकार की यह नई पहल ऐसे समय में सामने आ रही है जब कारोबारियों को सहारे की जरूरत है, और अगर यह योजना लागू होती है तो यह देश के MSME सेक्टर के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है।