अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
02-Nov-2019 01:40 PM
PATNA : कोल इंडिया में जल्द 8 हजार भर्तियां होने कि बात सामने आयी हैं वही कोयला उत्पादन ने 2024 तक 1 बिलियन टन का लक्ष्य रखा हैं. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि कोल इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2023-24 तक 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन करेगी और कंपनी आगामी वित्त वर्ष (2020-21) में 750 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगी.जोशी ने शुक्रवार को कोलकाता में कोल इंडिया के 45वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.
समारोह को संबोधित करते हुए जोशी ने इस बात पर खुशी जताई कि कोल इंडिया राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अपने कोयला उत्पादन को बढ़ाने हेतु व्यापक पूंजीगत व्यय करेगी. साथ ही, कंपनी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर अपने लक्ष्यों को समय पर हासिल करेगी.भारत सरकार की महारत्न कंपनी कोल इंडिया के समारोह में जोशी ने कहा कि देश में बिजली की मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों के एक-दूसरे के कार्यों को प्रभावित किए बिना कोयला उत्पादन करने की असीम संभावनाएं हैं.
कोयला क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से 100 प्रतिशत एफडीआई के केंद्र सरकार के हालिया फैसले को कोयला क्षेत्र का अत्यावश्यक संस्थागत सुधार बताते हुए जोशी ने कहा कि इस कदम से कोयला आयात पर देश की निर्भरता कम होगी और सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा.