Amazon Parcel Scam : Amazon पार्सल में शराब का खेल! मछली दाना के नाम पर 314 लीटर तस्करी का खुलासा; पढ़िए पूरी खबर Bihar Accident : शराब लदी कार का कहर! दुकान खोल रहे बुजुर्ग को रौंदा, मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम Bihar crime news : बिहार में खौफनाक वारदात! सरेराह दो राहगीरों को मारी 5 गोली, खून से लथपथ सड़क, दहशत में लोग Matric Result 2026: आज खत्म होने वाला है इंतजार : बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 इस समय जारी होगा; जल्दी देखें अपना रिजल्ट Bihar News : आज नहीं देंगे इस्तीफा! आखिरी समय में बदला प्लान, क्या 30 मार्च से पहले फैसला लेंगे नितिन नवीन? Bihar Police : बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव! अब मिनटों में मिलेगा प्रमोशन और पैसा, खत्म होगी फाइलों की देरी Bihar News : युद्ध का खतरा बढ़ा तो बिहार सरकार एक्शन में! राशन-गैस से लेकर प्रवासियों तक सब पर बनी खास टीम, यह IAS अधिकारी होंगे हेड Bihar IAS officers : बिहार में अफसरों की कमी खत्म! इस दिन 11 नए IAS संभालेंगे मोर्चा, बदलेगी प्रशासन की रफ्तार Bihar News : बिहार में बड़ा हादसा! गश्ती पुलिस जीप को ट्रक ने मारी टक्कर, तीन जवान घायल; चालक फरार Bihar News : पटना में आधी रात आग का तांडव! 5 मिनट में जलकर राख हुई पूरी बिल्डिंग, दलदली रोड पर मची अफरा-तफरी
07-Mar-2022 08:58 AM
DELHI : उत्तर प्रदेश में आज अंतिम चरण का मतदान है. चार राज्यों में पहले ही चुनाव खत्म हो चुके हैं. अब आशंका जाहिर की जा रही है कि आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल समेत तमाम पेट्रोलियम उत्पाद महंगे होंगे. यह जरूरी सामान की कीमत में बढ़ोतरी करने का भी काम करेंगे. इससे आम लोगों पर घर के बजट का बोझ बढ़ना तय है. पिछले चार महीने से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं.
हालिया जारी रिपोर्टों की मानें तो पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के बाद दिवाली के बाद से स्थिर पेट्रोल और डीजल के दाम में तेज बढ़ोतरी की जा सकती है. इनमें 15 से 22 रुपये तक वृद्धि की संभावना व्यक्त की जा रही है. इससे जहां एक ओर सफर करना महंगा हो जाएगा, तो दूसरी ओर माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ेगा, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा.
इसके अलावा खाद्य वस्तुओं के महंगे होने के आसार हैं. जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक मार्च अंत या अप्रैल की शुरुआत में हो सकती है. जीएसटी काउंसिल आगामी 47वीं बैठक में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की 5% से बढ़ाकर 8% करने पर विचार कर सकती इसके अलावा राजस्व बढ़ाने और क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र पर राज्यों की निर्भरता खत्म करने के लिए जीएसटी व्यवस्था में छूट वाले उत्पादों की में सूची में भी काट-छांट संभव है.
सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्यों के वित्त मंत्रियों का एक समूह काउंसिल को इस माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. इसमें सबसे निचले टैक्स स्लैब को बढ़ाने और स्लैब को तर्कसंगत बनाने जैसे कई कदमों के सुझाव दिए जा सकते हैं. वर्तमान में जीएसटी के टैक्स स्लैब में चार दरें - 5%, 12%, 18% और 28% हैं. आवश्यक वस्तुओं को या तो इस टैक्स से छूट प्राप्त है या फिर उन्हें सबसे निचले स्लैब में रखा गया है.