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बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर

Bihar News: बिहार सरकार ने गन्ना उत्पादन बढ़ाने और बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए बड़ा कदम उठाया है. बिहार सरकार ने एनएफसीएसएफ के साथ एमओयू किया है, जिससे किसानों और उद्योग को फायदा मिलेगा.

31-Mar-2026 07:18 AM

By FIRST BIHAR

Bihar News: बिहार में गन्ना क्षेत्र के विस्तार और चीनी उद्योग के पुनर्जीवन के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में गन्ना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन कम उत्पादकता, बंद पड़ी चीनी मिलें और आधुनिक तकनीकों के सीमित उपयोग जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।


इन चुनौतियों को अवसर में बदलने के उद्देश्य से सोमवार को पटना के एग्जीबिशन रोड स्थित एक होटल में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता गन्ना उद्योग विभाग और राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के बीच हुआ।


इस पहल से बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनर्जीवन और नई मिलों की स्थापना को गति मिलेगी। एनएफसीएसएफ के तकनीकी सहयोग से उन्नत गन्ना किस्मों का प्रचार-प्रसार, आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग, सिंचाई, पोषण और कीट प्रबंधन में सुधार के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों को भी गन्ना उत्पादन में शामिल किया जाएगा। इससे राज्य में गन्ना विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


कार्यक्रम में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि इस पहल से न केवल गन्ना उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार और नई मिलों की स्थापना को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।


वहीं, अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बंद पड़ी मिलों को चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष सकरी और रैयाम चीनी मिलों के निर्माण कार्य की शुरुआत की प्रक्रिया जारी है।


इस अवसर पर एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष हर्षबर्धन पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन को साकार करने के लिए विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। सकरी और रैयाम चीनी मिलों के लिए डीपीआर तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। राज्य में चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है, जिसमें एआई तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में चेतन भाई पटेल और मुख्य गन्ना सलाहकार आरबी डाले ने भी अपने विचार साझा किए।