Bihar Industry News: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के 24 जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण का निर्णय लिया है। इनमें से 10 जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सात निश्चय के तहत उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में यह कार्रवाई की जा रही है। गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी और भागलपुर समेत 10 जिलों में 4200 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 10 जिलों में अधिग्रहण किए जाने वाले जमीन के रकबे का निर्धारण करने के साथ ही अधियाचना भी भेज दी है। इसके अलावा सामाजिक प्रभाव अध्ययन का काम भी पूरा किया जा चुका है और जमीन अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं।
भागलपुर और दरभंगा में अधिसूचना जारी होने के 60 दिन बाद अधिघोषणा की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। अधिघोषणा के बाद पंचाट की प्रक्रिया के तहत यह तय किया जाएगा कि अधिग्रहित होने वाली जमीन किन-किन रैयतों की है। इसके बाद रैयतों को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा और फिर जमीन का दखल-कब्जा लिया जाएगा।
राज्य के 14 अन्य जिलों में भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इनमें सीतामढ़ी: 504.52 एकड़, सुपौल: 498 एकड़, शिवहर: 253.78 एकड़, कटिहार: 252.30 एकड़, भोजपुर: 249.48 एकड़, बेगूसराय: 991 एकड़, सीवान: 167.34 एकड़, मुंगेर: 466.49 एकड़, पटना: 742 एकड़, पूर्णिया: 279.65 एकड़, सहरसा: 420.62 एकड़, शेखपुरा: 250 एकड़, मधेपुरा: 548.87 एकड़ और नालंदा: 524.95 एकड़ शामिल हैं।
इन जिलों में अधिसूचना जारी होने के बाद निर्धारित समय सीमा के अनुसार अधिघोषणा की जाएगी। इसके बाद रैयतों को मुआवजे का भुगतान और जमीन का दखल-कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अन्य 10 जिलों में भी जमीन अधिग्रहण का रकबा तय किया गया है। भागलपुर में 13.45 एकड़ और दरभंगा में 385.45 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है।
इसी तरह वैशाली में 1234.45 एकड़, मधुबनी में 712.94 एकड़, नवादा में 139.48 एकड़ और मुजफ्फरपुर में 700 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। वहीं अरवल में 61.24 एकड़, रोहतास में 510.61 एकड़, गयाजी में 49 एकड़ और औरंगाबाद में 441.79 एकड़ जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार की इस पहल से राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के साथ नए उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिलने की संभावना है।