Bihar News: बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद चिंताजनक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शराब तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए नया और खतरनाक तरीका अपना लिया है। अब अवैध देसी शराब की सप्लाई के लिए स्कूली वेश में नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मामला नगर थाना क्षेत्र के बागमूसा मोहल्ला का है, जहां पुलिस ने दो संदिग्ध नाबालिगों की गतिविधि देखकर शराब तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा किया।


बताया जा रहा है कि दोनों लड़के स्कूल ड्रेस में साइकिल से जा रहे थे। उनके पीठ पर स्कूल बैग टंगे थे और साइकिल के हैंडल में भी एक झोला लटका हुआ था। देखने में दोनों बिल्कुल आम स्कूली छात्र लग रहे थे, लेकिन जैसे ही सामने पुलिस की गाड़ी दिखाई दी, दोनों अचानक घबरा गए। इसके बाद वे साइकिल और बैग वहीं छोड़कर दूसरी दिशा में भाग निकले। बच्चों की इस हरकत से पुलिस को शक हुआ।


पुलिस ने जब मौके पर छोड़ी गई साइकिल, बैग और झोले की तलाशी ली, तो अंदर से प्लास्टिक की थैलियों में भरी देसी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत शराब, साइकिल और अन्य सामान जब्त कर थाने पहुंचाया। हालांकि दोनों नाबालिग मौके से फरार हो गए।


स्थानीय लोगों का कहना है कि ये दोनों बच्चे पिछले कई दिनों से इसी रास्ते से आते-जाते दिखाई देते थे। पहले इसी इलाके में एक बाइक सवार युवक झोले में शराब की सप्लाई करता था, लेकिन पुलिस की लगातार गश्ती और कार्रवाई के बाद उसने अपना तरीका बदल लिया। अब खुद सामने आने के बजाय मासूम बच्चों को आगे कर दिया गया है, ताकि किसी को शक न हो और पुलिस भी आसानी से उन्हें रोककर जांच न करे।


जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चों की उम्र करीब 14 से 15 साल के बीच बताई जा रही है। इस घटना ने इलाके के लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि शराब तस्कर अब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं और उन्हें अपराध की दुनिया में धकेला जा रहा है।


यह मामला सिर्फ अवैध शराब तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें शराब ढोने के काम में लगाया जा रहा है। इससे न सिर्फ उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है, बल्कि अपराधी गिरोह भी धीरे-धीरे बच्चों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।